उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का बृहस्पतिवार को लाई डिटेक्शन टेस्ट किया गया। यह टेस्ट कुंडा के डीएसपी जियाउल हक की हत्या के सिलसिले में किया गया।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि राजा भैया लाई डिटेक्शन टेस्ट के लिए सुबह केंद्रीय फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक प्रयोगशाला पहुंचे थे।
उनके लाई डिटेक्शन टेस्ट की अनुमति लखनऊ की एक अदालत ने दी थी। राजा भैया ने पहले कहा था कि उन्होंने अपने बयान में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है और किसी भी टेस्ट का सामना करने से नहीं घबराते हैं।
सीबीआई ने अदालत में लाई डिटेक्शन टेस्ट को सही ठहराते हुए कहा था कि जियाउल हक हत्या मामले में राजा भैया एक संदिग्ध हैं। ऐसे में उनके पोलिग्राफिक टेस्ट की इजाजत दी जानी चाहिए।
राजा भैया का लाई डिटेक्शन टेस्ट करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसके नतीजे कुछ दिन में सीबीआई को मिल जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रघुराज प्रताप ने किसी भी सवाल से कन्नी नहीं काटी।