अपने तेज गेंदबाजों की श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर अंकुश बनाता देख भारतीय कप्तान धोनी से रहा नहीं गया और 22वें ओवर में उन्होंने ग्लब्स उतार दिए और गेंदबाजी करने चले आए।
मैच के दौरान अपने फैसलों से अक्सर क्रिकेट प्रशंसकों को आश्चर्य में डालने वाले कप्तान धोनी ने दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 24वें ओवर से गेंदबाजी करना शुरू किया और चार ओवर फेंके।
मध्यम तेज गति की गेंदबाजी करने वाले धोनी ने अपनी पहली गेंद महेला जयवर्धने को फेंकी जिसकी रफ्तार 123.8 किमी प्रति घंटा थी।
धोनी ने अपनी दूसरी ही गेंद पर जश्वर्धने को पगबाधा कर दिया और अंपायर अलीम डार ने अपनी उंगली भी उठा दी लेकिन जश्वर्धने ने रेफरल मांगा जिससे पता लगा कि गेंद बल्ले का अंदरुनी किनारा लेते हुए पैड से टकरा गई थी।
जश्वर्धने बच गए और धोनी को अपना दूसरा वनडे विकेट मिलते-मिलते रह गया। भारतीय कप्तान ने चार ओवर फेंकने के बाद खुद को गेंदबाजी आक्रमण से हटाया। धोनी ने अपने चार ओवर में 17 रन दिए।
2009 में की थी पहली बार गेंदबाजी
धोनी अपने 223 वनडे क्रिकेट मैचों के करियर में दूसरी बार गेंदबाजी करने उतरे थे। इससे पहले उन्होंने 30 दिसंबर 2009 को जोहांसबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के मैच में भी गेंदबाजी की थी। तब उन्होंने दो ओवर में 14 रन दिए थे और ट्रेविस डाउलिन को बोल्ड किया था।
विकेटकीपर धोनी ने 2011 के पिछले इंग्लैंड दौरे में लार्ड्स टेस्ट के दौरान भी दोनों पारियों में क्रमश: आठ और दो ओवर गेंदबाजी की थी। तब धोनी के गेंदबाजी की पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव सहित कई दिग्गजों ने आलोचना की थी।
धोनी ने जनवरी 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में एक ओवर और फिर दिसंबर 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर डाला था। इसके बाद उन्होंने नवंबर 2010 में अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी एक ओवर डाला था। अपने 77 मैचों के टेस्ट करियर में धोनी ने कुल 13 ओवर डाले हैं और 58 रन दिए हैं।