उत्तर भारत में शुक्रवार आधी रात के बाद शुरू हुए मेघ मल्हार ने इस क्षेत्र के लगभग समूचे मैदानी इलाके को झमाझम बारिश से सराबोर कर दिया।
इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के कारण मचे हलचल से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बर्फबारी हुई। बारिश और बर्फबारी की इस जुगलबंदी ने जाती हुई सर्दी को ठिठका दिया है। वैसे तापमान में बहुत अधिक गिरावट देखने को तो नहीं मिली, लेकिन भीगे-भीगे मौसम ने एक बार फिर से लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने को मजबूर कर दिया।
शुक्रवार को आधी रात के बाद सर्द हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश शनिवार को भी रुक-रुक कर झलक दिखलाती रही। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश होती रही। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही लगभग पूरा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को मौसम में आए इस बदलाव से दो-चार होना पड़ा। पहाड़ी राज्यों के कई इलाकों में पारा फिर से शून्य के नीचे चला गया है। भारी बर्फबारी की वजह से कई रास्ते बंद हो गए और कई इलाकों का संपर्क कट गया।
उधर, मैदानी इलाकों में भी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश की वजह से कई इलाकों में जल जमाव और जमा का नजारा देखने को मिला। पंजाब और हरियाणा में बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है।
दिल्ली में मौसम के बदले मिजाज की वजह से शनिवार को पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। फिर भी न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर 13.7 डिग्री पर रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री नीचे 16.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
22 तक रह सकता है बारिश और बदली का राज
मौसम विभाग ने रविवार को भी बारिश की भविष्यवाणी की है। सोमवार को बारिश तो नहीं होगी, लेकिन घना कोहरा छाया रह सकता है, जो 21 फरवरी तक बना रह सकता है। 22 फरवरी को एक बार फिर झमाझम बारिश के आसार हैं। ऐसे में पूरे सप्ताह ठंड बरकरार रहने की उम्मीद है।
महाकुंभ में बारिश का कहर
बारिश ने इलाहाबाद में महाकुंभ मेले की सारी व्यवस्था को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश की वजह से मेला क्षेत्र में हर ओर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। ऐसे में श्रद्धालु पंडालों और आश्रमों में दुबकने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से शिविरों में पानी टपक रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो रही है।
गेहूं की फसल के लिए लाभदायक
कृषि विशेषज्ञों ने इस बारिश को फसलों खासतौर पर गेहूं के लिए लाभदायक बताया है। उनका कहना है कि बारिश की वजह से फसलों को पाला लगने का खतरा काफी कम हो गया है। हालांकि सरसों के लिए यह बारिश नुकसानदेह हो सकती है।
गोरखपुर में गिरी बिजली, 24 बच्चों सहित 45 झुलसे
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कंपेरगंज प्राइमरी स्कूल के निकट शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से 45 लोग झुलस गए। इनमें 24 बच्चे हैं।
कहां कितनी बारिश
हरिद्वार 45 मिमी.
टिहरी 39.4 मिमी.
देहरादून 23.6 मिमी.
बाड़मेर 25 मिमी.
नारनौल 21 मिमी.
अंबाला 14.4
लुधियाना 8.5
चंडीगढ़ 6 मिमी.
कर्वी (चित्रकूट) 5 सेंमी
नजीबाबाद (बिजनौर) 5 सेंमी
इलाहाबाद 2 सेंमी
कानपुर 2 सेंमी
न्यूनतम तापमान
दिल्ली 13.7 डिग्री
गुलमर्ग - 7.0 डिग्री
श्रीनगर 3.1
जयपुर 12.4
अमृतसर 10.4
नारनौल 11.4
चंडीगढ़ 12.6
इटावा 6.0 डिग्री