गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तर प्रदेश में रैली टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। यूपी सरकार की आपत्ति के बाद अब रेलवे ने रैली के लिए मैदान देने से इनकार कर दिया है।
रेलवे का कहना है कि वो राजनीतिक उपयोग के लिए मैदान नहीं देगी।
इससे पहले यूपी सरकार ने रैली आयोजन के समय पर आपत्ति जताई थी जिसके कारण इसकी तारीख बदलनी पड़ी थी।
भाजपा ने 15 अक्टूबर को कानपुर में नरेंद्र मोदी की पहली रैली करने की घोषणा की थी लेकिन अब इसे 20 अक्टूबर को कर दिया गया है। सरकार का कहना था कि इस समय दशहरा और बकरीद त्यौहारों के चलते भाजपा को रैली करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
अब रेलवे ने आपत्ति जता दी है। भाजपा ने रैली के लिए पराग डेयरी के पास मौजूद रेलवे ग्राउंड के लिए आवेदन किया था।
उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ अभियंता ने कानपुर भाजपा के अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी को इसकी सूचना दे दी है। रेलवे का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने साल 2004 में ही राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए अपना मैदान या अन्य संपत्तियां नहीं देने का फैसला कर लिया था।
वहीं, भाजपा इसे राजनीतिक साजिश मान रही है। इस संबंध में सुरेंद्र मैथानी का कहना है कि रेलवे के अधिकारियों ने पहले मैदान देने के लिए हामी भर दी थी और पैसे भरने के लिए भी कहा था लेकिन अब मना कर दिया। यह केंद्र सरकार की साजिश है।
इस बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मोदी की रैली के लिए पार्टी दूसरे मैदानों की तलाश करेगी। केन्द्र और राज्य सरकार मोदी की रैलियों में रुकावट डालने का लगातार प्रयास कर रही हैं।