रेल मंत्री पवन बंसल के इस्तीफे को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अब तक चुप्पी साधने वाली सपा ने सोमवार को यू टर्न लेते हुए यूपीए सरकार को निशाने पर ले लिया है। सपा ने दो टूक कहा है कि रेल मंत्री को जाना ही होगा। मगर बसपा ने सरकार को जबरदस्त राहत दी है।
बसपा ने कहा है कि बंसल का इस्तीफा मांगना तब तक उपयुक्त नहीं होगा, जब तक सीबीआई इस मामले की जांच करने के बाद अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं कर देती है। दरअसल, पवन बंसल के भविष्य को लेकर दोनों दलों की भूमिका बेहद अहम है।
सोमवार को सपा के कड़े तेवरों से बंसल की कुर्सी पर संकट के बादल गहरा गए। सरकार को सपा से राहत की उम्मीद थी। मगर पार्टी ने ऐन वक्त पर वार कर सरकार को मुश्किल में डाल दिया है।
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि रेल मंत्री पवन बंसल को जाना ही होगा। अगर यह आरोप गंभीर है तो मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।
यादव ने कहा कि रिश्वत जैसे गंभीर मामले में अगर कोई और पकड़ा जाता, तो तुरंत कार्रवाई होती है। लेकिन इस मामले में सरकार की तरफ से अब तक तुरंत कार्रवाई नहीं की गई है।
सपा महासचिव ने कहा कि यह गंभीर विषय है। बंसल को इस्तीफा दे देना चाहिए। सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। वरना उन्हें पद छोड़ना पड़ता। जांच निष्पक्ष तरीके से होने के लिए बंसल का इस्तीफा देना जरूरी है।
दूसरी तरफ बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। एजेंसी को जांच को लंबा नहीं खींचना चाहिए। जितनी जल्दी हो सके, रिपोर्ट देश के सामने पेश करनी चाहिए।
मायावती ने कहा कि जब तक सीबीआई की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक रेल मंत्री से जल्दबाजी में इस्तीफा मांगना ठीक नहीं होगा।