आखिरकार रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का इस्तीफा हो ही गया। इस्तीफे से पहले छह घंटे तक चले हाई पॉलिटिकल ड्रामे से दिल्ली में शुक्रवार शाम को राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रेलवे में घूसखोरी के खुलासे के बाद विवादों में घिरे बंसल सबसे पहले शाम को अचानक रेल भवन पहुंचकर ड्रामे की शुरुआत की। वह एक घंटे तक अपने दफ्तर में बैठे रहे।
इस बीच कुछ टीवी चैनलों पर उनके इस्तीफे की खबर प्रसारित होने लगी। रेल भवन में बड़ी संख्या में मीडिया जमा हो गया लेकिन बंसल मिलने को तैयार नहीं हुए।
इससे पहले दोपहर में उनके घर में एक बकरे की पूजा किए जाने की मीडिया में खबर आने के बाद रेल भवन में निचले स्तर के कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक इसी मसले पर चर्चा करते रहे।
शाम को 5.20 बजे अचानक बंसल अपने आवास से सीधे रेल भवन स्थित अपने दफ्तर में आकर बैठ गये। वे पिछले छह दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे थे। बंसल के रेल भवन में पहुंचने के बाद मीडिया के साथ ही रेलवे के अफसर भी इधर उधर से जानकारी जुटाने लगे।
इस बीच खबर आई कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री से मिलने उनके सात रेसकोर्स रोड आवास पर पहुंच गई हैं। इस खबर का लोगों ने अर्थ निकाला की शायद बंसल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सोनिया गांधी उसी संबंध में प्रधानमंत्री से मिलने गई हैं। कांग्रेसी सूत्रों के हवाले से चैनलों पर कुछ ही मिनट में बंसल के इस्तीफे की खबर भी चलने लगी।
बंसल पहले मीडिया से मिलने को तैयार हो गए लेकिन इस्तीफे की खबर के बाद वे मीडिया से मिलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। एक घंटे दफ्तर में बैठने के बाद बंसल जैसे ही बाहर निकले वहां खड़े पत्रकारों ने उनसे इस्तीफा देने की खबरों पर टिप्पणी देने को कहा।
बंसल ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। मेरा जो पूर्व में बयान था वही अब भी है। चैनलों में इस्तीफे की खबर कहां से आई यह वे ही बता सकते हैं।
प्रधानमंत्री से उनके मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक पीएमओ से कोई बुलावा नहीं आया है।
पत्रकारों के सवालों से बचते बचाते वे इस बीच अपनी कार तक पहुंच गए। ज्यादा कुछ कहे बिना कार में बैठकर वापस अपने सरकारी आवास को लौट गए।