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बंसल के फोन पर हुई थी दलालों की बातचीत

Wed, 08 May 2013 08:45 AM IST
नई दिल्ली/गुंजन कुमार
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रेलवे बोर्ड सदस्य की नियुक्ति के लिए 12 करोड़ रुपये की घूसखोरी के मामले की जांच में सीबीआई रेल मंत्री पवन बंसल के और नजदीक पहुंचती नजर आ रही है।
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सीबीआई की अब तक की जांच के मुताबिक पिछले तीन महीनों में अजय गर्ग और मंजूनाथ की बंसल के सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबर पर कई बार बात हुई। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि बातचीत में खुद बंसल शामिल थे या नहीं।

बंसल के नजदीकी माने जाने वाले अजय गर्ग ने मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जबकि मंजूनाथ वह शख्स है जिसने इस डील के लिए पैसे का इंतजाम किया था।
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सीबीआई के शीर्षस्थ सूत्र ने बताया है कि करीब 200 कॉल डीटेल की जांच में ऐसे सटीक सुराग मिल रहे हैं कि रेल मंत्रालय के कम से कम पांच अधिकारियों और खुद रेलमंत्री को सफाई देना भारी पड़ेगा।

जांच की इस प्रक्रिया में उन सभी लोगों की आवाज के नमूने लिए जा रहे हैं जिनका नाम कॉल डीटेल में आया है। लेकिन सूत्र इस बात पर चुप्पी साध गए कि पवन बंसल की आवाज के नमूने लिए जाएंगे या नहीं।

उधर सीबीआई ने मंत्रालय से गिरफ्तार रेल बोर्ड सदस्य महेश कुमार के सर्विस रिकार्ड मंगवाए हैं। एजेंसी देखना चाह रही है कि महेश की इस विवादित नियुक्ति के पीछे किन अधिकारियों का फैसला था।

सूत्रों के मुताबिक अजय गर्ग पैसे की पूरी डील का अहम हिस्सा था जो सीबीआई छापे में हाथ नहीं आया। गर्ग ने बड़ी चालाकी से दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत में सरेंडर कर दिया ताकि सीबीआई की सीधी गिरफ्त से बच सके। हालांकि जांच एजेंसी गर्ग को जल्द ही कस्टडी में ले लेगी।

गर्ग और मंजूनाथ की पूछताछ से यह तस्दीक हो पाएगी कि बंसल के सरकारी मोबाइल फोन पर बातचीत का असल मकसद क्या था और उस नंबर पर किससे बात हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में दो अहम गिरफ्तारियां और हो सकती हैं। मुंबई से आ रही खबरों के मुताबिक एजेंसी ने आरपीएफ के इंस्पेक्टर पीके मिश्रा को हिरासत में ले लिया है। सूत्र ने बताया कि बंसल के सरकारी 9868... सीरीज वाले मोबाइल नंबर पर हुई बातचीत के खुलासे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

नहीं बच सकी ‘छुपी’ करोड़ों की संपत्ति
सीबीआई ने मंगलवार को रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार के घर और अन्य ठिकानों पर छापे मार कर उनके परिजनों द्वारा ‘छुपाई गई’ संपत्ति और जमीन-जायदाद के कागजात बरामद कर लिए। सीबीआई ने सोने और हीरे-जवाहरात के गहने भी बरामद किए हैं।

तीन मई को महेश कुमार को मुंबई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार उनकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही परिजनों ने जमीन-जायदाद के कागजात, पासबुक और बेशकीमती गहने घर से बाहर भिजवा दिए थे।

सीबीआई ने यह जानकारी मिलन के बाद इलाके के टैक्सी ड्राइवरों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और सब कुछ पता लगा लिया। इसके बाद उसने उन जगहों पर छापे मार कर सब बरामद कर लिया है। अभी इस संपत्ति का कुल मूल्य पता नहीं लगा है, लेकिन इसके करोड़ों में होने का अनुमान है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से हो सकती है पूछताछ
घूस कांड में रेलवे बोर्ड के सदस्यों और चेयरमैन से सीबीआई पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को महेश कुमार से संबंधित जो दस्तावेज मिले हैं उससे पता चलता है कि प्रमोशन के लिए रेलवे बोर्ड ने उनका कथित तौर पर समर्थन किया था।

फरार आरोपी गर्ग ने किया समर्पण
घूसकांड मामले में पंचकूला के फरार व्यवसायी अजय गर्ग ने मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने गर्ग को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।

सीबीआई के डीआईजी के तबादले की मांग
चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि सीबीआई के डीआईजी महेश अग्रवाल रेल मंत्री पवन बंसल के रिश्तेदार हैं इसलिए उन्हें तुरंत प्रभाव से यहां से केरल भेज दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जब सीबीआई ने विजय सिंगला के यहां पर छापा मारा था तो उनके परिवार को पहले ही इसकी जानकारी मिल गई थी। इस वजह से वह जरूरी दस्तावेज और कैश लेकर मौके से फरार हो गए थे।
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