रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने संकेत दिए हैं कि एक बार फिर रेल किराए में बढ़ोतरी की जा सकती है। डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते रेलवे पर 3,300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और इसी के मद्देनजर रेल बजट में यात्री किराए में फिर वृद्धि की जा सकती है।
बंसल ने इस संबंध में कहा, ‘अगले कुछ दिनों तक हमें इसे लेकर विचार करना होगा। हम इस पर काम कर रहे हैं।’ बृहस्पतिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बंसल ने कहा कि आगामी रेल बजट में नई योजनाओं की तुलना में अधूरी योजनाओं को पूरा करने पर सर्वाधिक जोर दिया जाएगा। जो योजनाएं पहले शुरू की जा चुकी हैं, उन्हें बजट में प्राथमिकता के आधार पर फंड मुहैया कराया जाएगा।
रेल बजट में रेल किराये में बढ़ोतरी पर पूछे गये सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि अब बजट तक इंतजार कीजिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रेलवे के विकास तथा लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार के लिए विभाग को पैसे की सख्त जरूरत है। बंसल ने यह भी कहा कि हम (बजट में) नान ट्रैफिक रेवेन्यू बढ़ाने पर भी जोर देंगे लेकिन किराया-भाड़ा रेलवे की आमदनी की मुख्य साधन है।
कैबिनेट ने तीन परियोजनाओं को दी मंजूरी
रेल मंत्री ने बताया कि आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी ने रेलवे की तीन परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। इनमें दो परियोजनाएं छत्तीसगढ़ खनन क्षेत्र तथा एक परियोजना गुजरात में बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी है। यहां रेल लाइनों का विस्तार एवं दोहरीकरण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में नई रेल लाइन बिछाने का खर्च रेलवे, छत्तीसगढ़ तथा कोल कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से उठाया जाएगा जबकि गुजरात में लाइनों के दोहरीकरण का काम कच्छ रेलवे करेगी।