कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानी एआईसीसी अब नए स्टाइल में काम करती नजर आ रही है।
पार्टी महासचिवों को दिल्ली में कम बल्कि अपने प्रभार क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा दौरे कर साप्ताहिक रिपोर्ट देने को कहा गया है। हर राजनीतिक मुद्दे पर महासचिवों के बीच आपसी तालमेल बैठाया जा रहा है।
साथ ही मीडिया के साथ हाईटेक तरीके से पेश आने और सोशल मीडिया पर ज्यादा असरदार साबित होने के लिए अगस्त में राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष का पद संभालने के बाद खुद राहुल ने पार्टी के कामकाज को निपटाने का काम दिल्ली की बजाय हर राज्य में जाकर किया है। अब उन्होंने पार्टी के महासचिवों और सचिवों से भी यही बात कही है।
राहुल की टीम में सचिवों की भूमिका बढ़ती दिख रही है। उन्हें भी अपने दौरों की रिपोर्ट राहुल गांधी को देने के लिए कहा गया है। सभी नवनियुक्त महासचिवों ने अपने अपने प्रभार क्षेत्रों के दौरे का कार्यक्रम पूरा कर लिया है। कई महासचिव दूसरे राउंड के दौरे पर हैं।
मधुसूदन मिस्त्री मंगलवार को छह दिन के लिए उत्तर प्रदेश जा रहे हैं। मोहन प्रकाश मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। इसके साथ ही मीडिया विभाग को हाईटेक तरीके से काम करने को कहा गया है। मीडिया प्रभारी महासचिव अजय माकन सभी महासचिवों के साथ फोन पर लगातार संपर्क में रहते हैं।
महासचिवों को हाईकमान ने कहा है कि वह अपने राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर माकन को अवगत कराते रहें, ताकि वह मीडिया के सामने सही स्थिति रख सके। इसके लिए प्रवक्ताओं की रोज बैठकें भी हो रही हैं। साथ ही मीडिया विभाग की ओर से सभी प्रदेश अध्यक्षों को एक व्यक्ति को नामित करने के लिए कहा गया है।
सभी राज्यों से हर प्रतिनिधि को मीडिया के साथ हाईटेक तरीके से पेश आने और सोशल मीडिया पर ज्यादा असरदार साबित होने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग अगस्त महीने में होने की संभावना है।