संसद सत्र के ऐलान होने के साथ ही विपक्ष की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है। पार्टी अभी भले ही खुलकर कह रही है कि वे हंगामे की बजाय सरकार के सामने सकारात्मक विपक्ष की भूमिका अदा करेगी।
मगर राहुल गांधी ने सांसदों को साफ कहा है कि अगर सरकार आने वाले दिनों में यूपीए सरकार के कामों और योजनाओं को पलटने का काम करती है, तो वह संसद में भाजपा की तरह आक्रामक होने में कोई कसर नहीं छोड़े।
आक्रमक रुख रखेगी कांग्रेस
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सिलसिले में पार्टी के कई सांसदों से बात की है।
बातचीत के बाद यही निष्कर्ष निकला है कि सकारात्मक भूमिका के साथ साथ आक्रामक रुख अपनाने की जरूरत है और मोदी सरकार कांग्रेस के कामों को पलटकर टकराव मोल लेती है, तो पार्टी इसका कड़ा जवाब देगी।
जिस तरह से जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूल मिशन का नाम और काम बदलने की बात की जा रही है। उसे लेकर कांग्रेस में रोष है।
यही परियोजना नहीं बल्कि रेलवे में भी यूपीए सरकार के कई प्रस्तावों को मोदी सरकार के नए रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने लाल झंडी दिखाई है।
हर बात का जमकर जवाब देगी कांग्रेस
पार्टी के शीर्ष स्तर पर चर्चा की जा रही है कि मोदी सरकार अगर टकराव लेती है तो कांग्रेस इसका जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसके अलावा महंगाई के मुद्दे पर भी विपक्ष में रहते हुए भाजपा के पुराने आरोपों और बातों को मोदी सरकार को संसद में याद दिलाने की रणनीति बन रही है।
हालांकि लोकसभा में विपक्ष के नेता को लेकर पार्टी के अंदर दुविधा का दौर जारी है। कमलनाथ और वीरप्पा मोइली इसके लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। जबकि दिग्विजय सिंह सरीखे पार्टी के कई नेता राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाने की खुलकर मांग कर रहे हैं।
उधर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता बनने से डॉ कर्ण सिंह के कथित इनकार को लेकर कांग्रेस ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। राज्यसभा में एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह का नाम भी इस पद को लेकर चर्चा में हैं।