अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने बीते बुधवार की रात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से फोन पर बात की। इस दौरान केरी ने सुषमा को विदेश मंत्री बनने पर बधाई देने के साथ ही दोनों देशों के संबंधों को फिर से गति देने पर चर्चा की।
केरी ने उम्मीद जाहिर की कि भारत और अमेरिका का व्यापार 100 अरब डॉलर से बढ़ कर 500 अरब डॉलर हो जाएगा। सुषमा ने इस दौरान अमेरिका द्वारा भारत को विशेष स्थान दिए जाने पर खुशी जाहिर की।
भविष्य में हो सकती है मुलाकात
मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच निकट भविष्य में मुलाकात हो सकती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सुषमा ने अपनी तरफ से भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की मजबूती के लिए दिए जाने वाले महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने केरी को पाकिस्तान सहित सार्क देशों के साथ भारत की हालिया द्विपक्षीय बातचीत के बारे में भी अवगत कराया। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों विदेश मंत्री एक-दूसरे से मिलने को लेकर आशान्वित हैं।
केरी ने इससे पूर्व, भारत के नए प्रधानमंत्री को भेजे संदेश में कहा था कि ओबामा प्रशासन अमेरिका में नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक है।
चीन ने भी भेजी बधाई
पीएम बनने के बाद विदेशी नेताओं की ओर से मोदी को मिलने वाली बधाईयों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग ने बृहस्पतिवार को फोन कर मोदी को पीएम बनने की बधाई दी।
मोदी ने भी पड़ोसी मुल्क के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद जताई और कहा कि चीन भारतीय विदेश नीति की प्राथमिकताओं में शामिल है। केचियांग के इस फोन को चीन की ओर से मोदी के नेतृत्व में बनी भारत के नई सरकार के साथ रिश्ते मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले बुधवार को चीन सरकार ने विदेश मंत्री वांग यी को विशेष दूत के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के लिए भारत भेजने का निर्णय लिया। वांग आठ जून को भारत आएंगे।
25 मिनट बातचीत हुई मोदी-केचियांग में
मोदी ने केचियांग से कहा कि वह महत्वपूर्ण मसलों को हल करने के लिए चीनी नेतृत्व के साथ काम करने को उत्साहित हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, 25 मिनट तक हुई बातचीत के दौरान केचियांन ने भी भारत की नई सरकार के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत साझेदारी स्थापित करने की चीनी सरकार की इच्छा से मोदी को अवगत कराया।
केचियांग की बधाई पर मोदी ने धन्यवाद दिया। बकौल मोदी, उनकी सरकार चीन के साथ सामरिक और आपसी साझेदारी की संभावनाओं के पूरी तरह से उपयोग करने को दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि साथ ही उनकी सरकार द्विपक्षीय संबंधों के किसी भी लंबित मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन के नेतृत्व के साथ नजदीकी सहयोग से कार्य करना चाहती है।
बातचीत में दोनों नेता लगातार उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और संवाद बनाए रखने पर सहमत दिखे।
किसी राष्ट्राध्यक्ष का पहला सीधा फोन
बातचीत के दौरान मोदी ने केचियांग के जरिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस साल के अंत तक भारत आने का न्योता भी दिया। मोदी ने दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग का भी स्वागत किया।
चीनी पीएम ली केचियांग का यह फोन किसी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी को किया गया पहला सीधा फोन था। इससे पहले चीन ने चुनाव परिणाम आने के बाद मोदी को जीत की औपचारिक बधाई दी थी।