चुनाव चीज ही ऐसी है कि पांच साल में दुनिया बदल देती है। पांच साल पहले जो नेता कांग्रेस के निशाने पर था। आज उसके घटते कद पर कांग्रेस को ही फिक्र हो रही है। पांच बरस पहले लालकृष्ण आडवाणी को 'पीएम इन वेटिंग' का तंज मारने वाली पार्टी को आज उनका सम्मान खूब याद आ रहा है।
भाजपा के आंतरिक मामलों पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने अब आडवाणी को सबसे छोटा नेता बना दिया है।
आडवाणी को भाजपा ने बना दिया छोटाः राहुल
उत्तरी कर्नाटक में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "आपको शायद याद होगा कि आडवाणीजी भाजपा के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे...लेकिन अब उनका कद उतना नहीं रह गया है, जितना हुआ करता था।"
जाहिर है, वो आडवाणी और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के बीच ठंडे रहने वाले रिश्तों का जिक्र कर रहे थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यूपीए सरकार के पिछड़े हुए हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा देने का जिक्र करने के दौरान आडवाणी के बारे में टिप्पणी की। वो राज्य के पूर्वोत्तर में स्थित छह जिलों की बात कर रहे थे, जिन्हें विशेष आर्थिक लाभ दिया गया।
राहुल ने साधा निशाना भी
नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के लिए राहुल गांधी ने जहां आडवाणी की हालत का जिक्र किया, वहीं उन पर हमला बोलने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा, "किसी वक्त पार्टी के सबसे ऊंचे कद वाले नेता रहे आडवाणी ने एक बार कहा था कि अगर आर्टिकल 371 (जे) पास किया जाता है, तो देश बंट जाएगा।" लेकिन उनकी राय सही नहीं थी।
उन्होंने कहा, "यह पास हुआ और देश में कोई टकराव नहीं हुआ। इससे फायदा पहुंचा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में।" राहुल गांधी ने मोदी पर हमला बोलने के लिए स्नूपगेट और चौकीदार वाली बात का इस्तेमाल किया।
'एक चौकीदार नहीं, जनता को चौकीदार बनाएंगे'
राहुल ने कहा, "भाजपा कहती है कि देश को चौकीदार दीजिए। एक चौकीदार दीजिए और वो देश में सुधार करेगा। हम कहते हैं कि देश के करोड़ों लोगों को चौकीदार बनाइए, उन्हें ताकत दीजिए।"
उन्होंने कहा, "देश को एक चौकीदार नहीं चाहिए। अगर आप अपने मकान की चाबी किसी एक चौकीदार को देंगे, तो वो आसानी से लूट भी सकता है। हम चाहते हैं कि आपके मकान की चाबी आपकी जेब में रहे...ताकत आपके पास रहे और आप ही देश चलाएं। और हमारा काम यह रहेगा कि हम आपसे ऑर्डर लेकर काम पूरा करेंगे।"
पहले दिग्गी ने छोड़े थे तीर
कांग्रेस इससे पहले भी मोदी पर हमला करने के लिए आडवाणी से सहानुभूति जताती रही है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार, आडवाणी के साथ जो कर रहे हैं, वो सही नहीं है।
उन्होंने कहा, "मोदी की यह पुरानी आदत रही है। केशुभाई पटेल ने उन्हें आगे बढ़ाया, मोदी ने उन्हें ठिकाने लगा दिया। फिर बारी आई लालकृष्ण आडवाणी की, जिन्हें अब दरकिनार कर दिया गया है। और अगली बारी राजनाथ सिंह की है।"