कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान के विरोध में सिख संगठनों और साल 1984 के दंगा पीड़ितों ने दिल्ली में कांग्रेस के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है।
इस प्रदर्शन में अकाली दल और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भी शामिल थी। यह प्रदर्शन अपराह्न करीब एक बजे तक चलता रहा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए गए बैरीकेड को तोड़कर कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। वे अपने हाथ में काला झंडा लिए हुए थे। कार्यालय के बाहर पुलिस ने जबरदस्त नाकेबंदी और बैरिकेडिंग कर रखी थी।
एसआईटी के गठन की मांग
प्रदर्शनकारियों ने राहुल और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने दंगे की जांच विशेष जाँच दल यानी एसआईटी से कराए जाने की मांग की। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
एक अंग्रेजी टेलीविजन चैनल को दिए गए साक्षात्कार में राहुल गांधी ने दंगे में कुछ कांग्रेसियों का हाथ होने की बात स्वीकार की थी, जिसके बाद सिखों में कांग्रेस के खिलाफ ग़ुस्सा भड़क उठा।
राहुल के बयान पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया आई है। बुधवार को ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप राज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की थी।
उनकी मांग का समर्थन बीजेपी और अकाली दल ने भी किया। अगर दंगों पर एसआईटी का गठन होता है तो कांग्रेस के लिए खासी मुश्किलें खड़ी हो सकती है।