जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय में हुए रैगिंग मामले में राजस्थान सरकार ने गम्भीरता बरती है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र पेश करने को कहा है।
महाराजा कॉलेज के गोखले छात्रावास में सोमवार को रैगिंग की घटना की जानकारी विश्व विद्यालय को मिली थी और मंगलवार को प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए सात छात्रों को कॉलेज और छात्रावास प्रशासन ने निलम्बित कर दिया था।
पुलिस के अनुसार एक जूनियर छात्र की शिकायत पर बीएससी द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के कुछ छात्रों के खिलाफ लाल कोठी थाने में मामला दर्ज कराया गया।
रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ छात्र जूनियर छात्रों को कमरे से निकालकर शारीरिक प्रताडऩा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही जैसे ही पुलिस छात्रावास पहुंची, तो वरिष्ठ छात्र इधर-उधर भागने लगे।
कुछ छात्रों को पुलिस ने पकड़ लिया और कुछ दीवार फांदकर भाग गए। पकड़े गए छात्रों को पुलिस ने पूछताछ के बाद रात को छोड़ दिया।
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देव स्वरूप ने कहा कि रैगिंग के मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हैं। इस मामले में भी तत्परता से कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।