नरेंद्र मोदी ने वडोदरा से नामांकन के वक्त जो हलफनामा दाखिल किया उसके मुताबिक उनके पास करीब 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी कि उनकी पत्नी के पास कितनी संपत्ति है। 1983 में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए करने वाले नरेंद्र मोदी के पास कोई गाड़ी नहीं है।
उनके पास 29,700 कैश, बैंक में 11 लाख 74 हजार 394 रुपये, गांधी नगर में एक करोड़ का फ्लैट, फिक्स्ड डिपॉजिट 32 लाख 48 हजार 989 रुपये, 20 हजार रुपये के बॉंड और चार लाख 34 हजार 31 रुपये की एनएससी है।
जशोदाबेन को मान ही लिया पत्नी
नरेंद्र मोदी के नामांकन की सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने हलफनामे में अपनी पत्नी का नाम जशोदाबेन बताया है।
गौरतलब है इससे पहले कभी भी मोदी ने जशोदाबेन को पत्नी का दर्जा नहीं दिया था।
हमेशा वो पत्नी के कॉलम को खाली छोड़ देते थे लेकिन इस बार उन्होंने इस कॉलम को खाली नहीं छोड़ा और जशोदाबेन का नाम लिखा।
विरोधियों ने साधा निशाना
जशोदाबेन को मोदी ने पत्नी माना और वो तुरंत ही विरोधियों के निशाने पर आ गए। ट्विटर पर मोदी के खिलाफ मानो बयानों की बाढ़ आ गई।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि,"मोदी ने मान लिया है कि वो शादीशुदा हैं। क्या इस देश की महिलाएं एक ऐसे आदमी पर भरोसा करेंगी जो एक महिला का पीछा कराता है, अपनी पत्नी को उसके अधिकार से वंचित रखता है। वोट अगेंस्ट मोदी।"
मोदी ने भी किया पलटवार
मोदी ने भी अपने विरोधियों को ट्वीट कर जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है कि,"तंदूर केस से लेकर लातूस केस तक महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए किया गया कांग्रेस का वादा स्पष्ट है। इतने सालों में कुछ नहीं बदला।"
इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया," कांग्रेस के नेताओं को गरीबी पर्यटन में महारथ हासिल है। कैमरों के साथ वो गांवों में जाते हैं, गरीबों के साथ बैठते हैं, उनका खाना खाते हैं और फोटो खिंचाते हैं।