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बीएचयू के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बन हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय का शताब्दी दीक्षांत समारोह अब मार्च के बजाय 22 फरवरी को मनाया जाएगा। विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष पर होने वाले इस विशेष दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का यह बीएचयू में दूसरा दौरा होगा। शताब्दी दीक्षांत समारोह की तैयारियां विश्वविद्यालय में शुरू हो गईं हैं।
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पीएम के आगमन से उपाधि लेने वाले विद्यार्थी भी खासे उत्साहित हैं। बता दें कि बीएचयू का यह शताब्दी दीक्षांत समारोह पहले मार्च में आयोजित होने वाला था। चूंकि यह विश्वविद्यालय का विशेष दीक्षांत समारोह है, लिहाजा बतौर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया था।

प्रधानमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया था लेकिन मार्च में प्रधानमंत्री की अपनी व्यस्तता के चलते अब यह दीक्षांत समारोह 22 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है। बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में बीएचयू का यह 98वां दीक्षांत समारोह होगा।
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पीएम के आगमन का कार्यक्रम तय होने के साथ ही विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के स्थापना दिवस और शताब्दी दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई। तय किया गया कि बीएचयू के शताब्दी दीक्षांत के इस ऐतिहासिक समारोह को सभी लोग देख सकें, इसकी विशेष व्यवस्था की जाएगी।

समारोह में न सिर्फ बीएचयू बल्कि बीएचयू से जुड़े स्कूलों के भी विद्यार्थियों की मौजूदगी रहेगी। इस क्रम में 13 फरवरी को स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह स्थापना स्थल पर पूजा होगी। इसके बाद संकायों व छात्रावासों में मां सरस्वती का पूजन होगा। इसके बाद सभी संकायों व संस्थानों द्वारा सौ वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद दोपहर तीन बजे स्वतंत्रता भवन में ‘भारतीय उच्च शिक्षा की परिदृष्टि’ पर परिचर्चा होगी।
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और पुख्ता होगी पीएम की सुरक्षा

कुशीनगर समेत देश के अलग-अलग स्थानों से आईएसआईएस के 14 संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के उपाय किए जा रहे हैं।

22 फरवरी को प्रस्तावित वाराणसी आगमन के मद्देनजर पीएम की सुरक्षा की अभेद्य सुरक्षा रणनीति बनाई जा रही है। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के  परिचय पत्र पर बार कोडिंग की जाएगी। इसके अलावा, वीवीआईपी पास पर भी बार कोड होगा। चाहे सुरक्षा कर्मी हों या वीवीआईपी, कोड रीडर से पूरी छानबीन के बाद ही उन्हें कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि कोई आतंकी पुलिस की वर्दी या वीवीआईपी बनकर सुरक्षा व्यवस्था को भेदने न पाए। बता दें कि पठान कोट में आतंकियों ने पुलिस की वर्दी में ही हमला किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को वाराणसी आ रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

आईजी जोन एसके भगत और एसएसपी आकाश कुलहरि ने शुक्रवार को इसे लेकर बैठक भी की। तय हुआ कि इस बार पीएम की सुरक्षा में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों के परिचय पत्र पर बार कोडिंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी को परिचय पत्र अपने साथ रखना होगा। तैनाती के दौरान ही बार कोड रीडर से उनकी पहचान की जाएगी।

प्रधानमंत्री से मिलने वाले अतिविशिष्ट व्यक्तियों के पास की भी बार कोडिंग की जाएगी। चेकिंग के बाद ही उन्हें पीएम तक पहुंचने दिया जाएगा। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि पीएम की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की जा रही है।

क्या है बार कोड
कंप्यूटराइज्ड बार कोड में पुलिसकर्मियों का फोटो समेत पूरा ब्यौरा होगा। विशेष साफ्टवेयर से उनके परिचय पत्र पर यह बार कोडिंग की जाती है। किसी भी पुलिसकर्मी पर शक होने पर उनके परिचय पत्र की जांच बार कोड रीडर से की जाएगी। कई निजी कंपनियों में बार कोडिंग की व्यवस्था पहले से ही है।
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