राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को 378 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2014 से सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों को सभ्यता, त्याग, सहनशीलता और संस्कारों को समझाने के लिए एक प्रेरणादायक अध्यापक की सख्त जरूरत है।
इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मोदी सरकार ने सरकारी स्कूलों में शत प्रतिशत शौचालयों का निर्माण कर दिया है। सरकार ने बुनियादी ढांचा खड़ा कर दिया है।
अब शिक्षकों को स्वच्छता अभियान की इस पहल को बरकरार रखना है। अध्यापकों को बच्चों में स्वच्छता की आदत डालनी है। ईरानी ने अपने मंत्रालय को कहा कि देशभर में अध्यापन के बेहतर तौर तरीकों के साथ-साथ अच्छे टीचरों की पहचान की जाए और उनके अनुभवों को सबके साथ बांटा जाए। ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
सम्मानित किए गए शिक्षकों को पुरस्कार के तौर पर सिल्वर मेडल, प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपये मिलते हैं। कुल 378 पुरस्कारों में से 43 विशेष पुरस्कार उन शिक्षकों को दिए गए हैं जो विकलांग बच्चों को शिक्षा देते हैं।
इन गुरुजनों को मिला सम्मान
पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों में हरियाणा के नवोदय विद्यालय समिति से पृथ्वी कुमार रॉय, अमर कौर, रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले स्कूल के वैद्य नाथ झा, चंडीगढ़ से केंद्रीय विद्यालय संगठन के हंसराज शर्मा शामिल हैं।
इनके अलावा उत्तर प्रदेश के अशोक कुमार प्रजापति, मिश्री लाल यादव, मोहम्मद अदील मंसूरी, शिवजोर, महाबीर सिंह, ठाकुर सिंह, पुष्पादेवी पल्लवी, नसीर खां, सविता शर्मा, बासुदेव यादव, हकीमुद्दीन, शबीना परवीन, अमरेश सिंह, उदयराज यादव, कृपाल सिंह, सैयद गजनफर हुसैन, हुकुम सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, अशोक कुमार तिवारी, डॉ बेनी माधी, पाल सिंह तोमर, सुरेश कुमार तिवारी, अहमद खां, जमरुद जहां, अजोर शुक्ल, मुनींद्र देव शर्मा, नंद प्रसाद यादव, उत्तराखंड से सुखवीर सिंह, दुर्गा लाल, नरेंद्र प्रसाद गोस्वामी, आत्मा प्रकाश, हरी सती, हरिशंकर, हिमाचल प्रदेश से राम पाल, संदेश शर्मा, चंदेश्वर शर्मा, कश्मीर सिंह,
जम्मू कश्मीर से रोमेश सिंह, अब अहद भट, किरन राजपूत, इम्तियाज बायहाकी, पंजाब से सुदागर सिंह सराभा, सोहन लाल, हरदेव सिंह, मक्खन सिंह, मनजीत कौर, डॉ बरजीनदर पाल सिंह, डॉ सुखबीर सिंह बाल, गुरिंदरजीत कौर और गुरप्रीत सिंह संधु आदि को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया है।