मेरठ जिले में नौचंदी थाना शनिवार रात अखाड़ा बन गया। मकान मालिक और किराएदार के बीच में आए एक वकील ने पुलिस के सामने ही गर्भवती महिला और उसके पति को लात घूंसों से पीटा। पुलिस कर्मियों ने रोका, तो उनसे हाथापाई की और दीवार में अपना ही सिर मारकर फोड़ लिया। वहीं, वकील का आरोप है कि पुलिस ने उसे पीटा। घटना के कारण नौचंदी थाने में दो घंटे जमकर हंगामा हुआ। डीआईजी, एसएसपी और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंच गए।
नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित प्रीत विहार कालोनी में प्रेम सिंह के मकान में सुनील वर्मा और उनकी पत्नी दिव्या किराएदार हैं। किराए को लेकर कुछ दिन से विवाद चल रहा है। शुक्रवार को मकान मालिक ने पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। शनिवार रात पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए थाने बुलाया। सुनील गर्भवती पत्नी दिव्या के साथ थाने पहुंचा। वार्ता चल ही रही थी, तभी शास्त्री नगर सेक्टर एक निवासी रामकृष्ण बंसल और एडवोकेट जब्बार थाने पहुंचे। रामकृष्ण ने भी खुद को वकील और एक आईपीएस का रिश्तेदार बताया। रामकृष्ण ने कहा कि सुनील वर्मा पर उसके दस हजार रुपये हैं, वो भी दिलाए जाएं। इसी बात पर सुनील और रामकृष्ण में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई।
आरोप है कि रामकृष्ण ने सुनील और उनकी गर्भवती पत्नी को लात घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव कराया, तो उनसे भी हाथापाई कर दी गई। वहीं रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि थाने में पुलिसकर्मियों ने पीट-पीटकर उसका सिर फोड़ दिया, जबकि पुलिस का कहना था कि रामकृष्ण ने खुद ही दीवार में सिर मार लिया। सूचना पर डीआईजी रमित शर्मा, एसएसपी सुभाष सिंह बघेल और एसपी सिटी ओमप्रकाश भी नौचंदी थाने पहुंचे। एसओ नौचंदी महावीर चौहान से घटनाक्रम की जानकारी ली। डीआईजी रमित शर्मा ने बताया कि रामकृष्ण बंसल वकील हैं या नहीं, पता किया जाएगा। वहीं, देर रात तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।