बिहार में पटकनी देने के बाद अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दूसरे राज्यों में भी भाजपा को मात देने की कोशिश में जुट गए हैं। इसी कोशिश के तहत नीतीश ने अपने चुनावी प्रबंधक प्रशांत किशोर को असम में चुनावी आकलन के लिए भेजा था। असम से लौटने के बाद किशोर ने नीतीश को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट में कांग्रेस की सियासी सेहत नाजुक होने की बात कही गई है। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर नीतीश पहल करते हैं तो असम में भी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाया जा सकता है जिसमें राज्य के क्षेत्रीय दल यूडीएफ और असम गण परिषद भी शामिल हो सकते हैं।
जदयू के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि प्रशांत किशोर की आकलन रिपोर्ट में कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की वजह से पार्टी को नुकसान झेलना पड़ सकता है। पिछले पांच सालों में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से घटा है और राज्य के कई क्षेत्रों में वह अलोकप्रिय हो गए हैं।