भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की हिदायत के बावजूद दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधने वाले सांसद कीर्ति आजाद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आजाद को बुधवार शाम को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया।
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शाह के मना करने के बावजूद बिहार के दरभंगा से सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सीधे अरुण जेटली पर निशाना साधा था। इतना ही नहीं संसद के भीतर भी कीर्ति ने विपक्षी दलों का साथ देते हुए डीडीसीए घोटाले की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की थी।
पार्टी की इस कार्रवाई को आजाद ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया। अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को हास्यास्पद करार देते हुए आजाद ने मार्गदर्शक मंडल का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। मार्गदर्शक मंडल में भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सदस्य हैं।
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माना जा रहा है कि काफी समय से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी करने वाले एक दूसरे सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर भी पार्टी अनुशासन की गाज गिर सकती है। बुधवार को ही सिन्हा ने आजाद को हीरो करार देते हुए जेटली को वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तरह आरोपों में घिरने पर इस्तीफा देने की नसीहत दी थी।
आजाद के खिलाफ कार्रवाई ने विपक्षी दलों को भाजपा पर हमला करने का मौका दे दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा खुलकर बोलने, सही टिप्पणी करने और भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर निलंबित करती है तो प्रधानमंत्री को निश्चित तौर पर जवाब देना चाहिए।
वहीं, जेटली के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा में कोई लोकतंत्र नहीं है। भ्रष्टाचार को दबाने के लिए ईमानदार आवाज को दबाया जा रहा है।
सस्पेंड पर क्या बोली पार्टी
आजाद के निलंबन के बारे में पार्टी मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आपने विपक्षी दलों कांग्रेस और आप के साथ मिलकर पार्टी और उसके पदाधिकारियों को शर्मसार किया है। संसद के भीतर और बाहर आपका जो व्यवहार रहा, वह अनुशासन के दायरे में आता है।
दरअसल, जेटली के खिलाफ हमला बोल रहे कीर्ति पर कार्रवाई करने को लेकर शाह पर बीते चार दिनों से दबाव था। लेकिन संसद सत्र की मजबूरी के कारण उनके हाथ बंधे थे।
पार्टी को इस बात का अंदेशा सता रहा था कि सत्र के दौरान आजाद पर कार्रवाई करने से विपक्ष को मुद्दा मिल जाएगा, इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी की छवि पर भी बट्टा लगेगा। यही कारण है सत्र खत्म होने के चंद घंटो बाद ही अमित शाह ने कीर्ति पर कार्रवाई का निर्णय लिया।
'अब तो मैं आजादू हूं, और खुलासे करूंगा'
मैंने कब कहा कि जेटली चोर हैं। मैं तो प्रधानमंत्री का समर्थक हूं। उन्होंने कहा था कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। मैं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले को भाजपा ने सस्पेंड किया है।
मैंने कौन सा पार्टी विरोधी काम किया है। जो सच्चाई की बात करे वो बाहर हो जाए। मैं 9 साल से यह मुद्दा उठा रहा हूं। आम आदमी पार्टी तो कल आई है। अब आगे देखिए होता है क्या। मेरे पिताजी बिहार के मुख्यमंत्री थे। मौका था कि केंद्र में मंत्री बन जाऊं, उन्होंने नहीं बनने दिया। इन उसूलों में पला-बढ़ा हूं।
कोर्ट में आम आदमी के पक्ष में गवाही देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब तो मैं आजाद हूं। किसी के खिलाफ भी गवाही दूंगा। और खुलासे करूंगा। हर किसी से मिलूंगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि भाजपा इतना नीचे गिर जाएगी।
संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने विपक्ष की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर लगाए जा रहे आरोपों को सूरज पर थूकने जैसा बताया है। एक सवाल पर नायडू ने कहा कि पूर्व सरकार में 2जी, कोल ब्लॉक, कॉमनवेल्थ जैसे बड़े घोटाले हुए थे।
तत्कालीन सरकार इन पर चर्चा नहीं कराना चाहती थी। जबकि मोदी सरकार के एक भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है तब भी कांग्रेस बेवजह के तथ्यहीन मुद्दे खड़ा कर रही है।
दिग्विजय ने साधा भाजपा पर निशाना डीडीसीए में भ्रष्टाचार का मामला उठाने वाले भाजपा सांसद कीर्ति आजाद के पार्टी से निलंबन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा है।
उन्होंने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा कि क्या अब भाजपा का अगला निशाना पार्टी के मुखर सांसद शत्रुघ्न सिन्हा होंगे। उन्होंने कहा कि आजाद पर कार्रवाई से उन भाजपा नेताओं के भाग्य का फैसला होने जा रहा है जो कि भ्रष्टाचार का मामला उठा रहे हैं। पहले राम जेठमलानी अब कीर्ति आजाद, अगले शत्रुघ्न सिन्हा होंगे।