फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदायूं: क्या जिंदा लटका दी गई थीं बहनें?

विज्ञापन
विज्ञापन
कटरा सआदतगंज में पिछले सप्ताह दो मासूमों के साथ हुई वारदात की सच्चाई जैसे-जैसे सामने आ रही है, हैवानियत की वह काली रात अधिक डरावनी होती जा रही है।
विज्ञापन


गंगा की कटरी में आम के पेड़ पर लाश्ा बनकर लटकीं उन मासूमों के साथ उस रात जैसा बर्बर सुलूक किया गया, उसे पढ़कर किसी की भी रूह कांप सकती है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने दोनों बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के पुष्टि कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हैवानों ने दोनों मासूमों को जिंदा फांसी पर लटका दिया था।

दोनों बहनों के शरीर पर नीले रंग के निशान

बदायूं गैंगरेप और डबर मर्डर केस के कारण उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार की राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर आलोचना हो रही है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि दोनों बहनों की मौत ऐस्फिक्सिआ यानी सांस रुकने से हुई है। रेप के बाद हैवानों ने उन्हें जिंदा ही फांसी पर लटका दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बहनों के शरीर पर नीले रंग के निशान हैं। ये निशान रक्त नलिकाओं के फैलने से पड़ते हैं। शरीर के निचले हिस्‍सों में जैसे पेट, पीठ और पैर नीले पड़ गए है।

दोनों की जीभ भी बाहर न‌िकली हुई थी

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक, नीले निशानों से ये पता चलता है कि मौत के वक्त शरीर की स्थिति कैसी थी। यदि उन्हें गला दबाकर मारा गया होता और उस स्थिति में वे जमीन पर पड़ी होतीं तो ये निशान गले पर उभरते। उसके बाद पीठ, पेट और कमर पर पड़ते। लेकिन पैरों, पिण्डलियों और ‌एड़ियों पर नीले निशान नहीं पड़ते।

लेकिन जब उन्हें सीधे लटका दिया गया हो, जैसे दो मासूमों का मारा गया, वैसे स्थिति में निशान शरीर के बिल्कुल निचले हिस्से पैरों, पिण्डलियों और ‌एड़ियों में अधिक दिखाई देते हैं। दोनों बहनों की जीभ भी बाहर न‌िकली हुई थी, जिसका मतलब है कि उनकी मौत सांसे रुकने से हुई।

गुप्तांगों के आसपास का रंग नीला पड़ चुका था

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की भी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों लड़कियों के शरीर के निचले हिस्सों में गहरी चोटें हैं। बड़ी बहन के गुप्तांगों के आसपास का रंग नीला पड़ चुका है।

छोटी बहन के गुप्तांगों के आसपास खून के थक्के जमे हैं, खरोंच के निशान हैं। दोनों के शरीर पर कोई और चोट का निशान नहीं है।

सैंपल्स को डीएनए परीक्षण के लिए भी भेज दिया गया है। उन्हें फांसी पर लटका कर मारा गया है, पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट इस बात की पुष्टी करती है।
विज्ञापन

आरोपियों का डीएनए जांच के लिए भेजा गया

वहीं, सूत्रों का कहना है क‌ि मामले में गिरफ्तार आरोपी भाइयों से एक पप्पू (22 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उसने बड़ी बहन से मुलाकात की थी। वे दोनों दोस्त थे। लेकिन उसने छोटी बहन को ना मारा न रेप किया।

उसने बताया कि बड़ी बहन से भेंट करने के बाद वे घर चला गया था और उसे अगली सुबह पकड़ लिया गया।

वहीं पप्पू के दोनों भाइयों ने मुलाकात से भी इनकार किया है। तीनों भाइयों और दो पुलिस वालों का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें