कोयंबटूर की 32 साल की पद्मिनी प्रकाश देश की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर हैं और उन्हें टीवी पर बतौर न्यूज एंकर काम करते हुए एक साल हो गया है।
रोज शाम को सात बजे कैमरे के सामने आते ही शानदार तरीके से तमिल भाषा में न्यूज पढने वाली पद्ममिनी बेहद लोकप्रिय हैं और लोग भी उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।
पद्मिनी प्रकाश अपने काम से बेहद खुश हैं क्योंकि इसी के कारण वो एक सम्मानीय जीवन गुजार पा रही हैं।वो कहती हैं, "जब मैं बाजार जाती हूँ तो लोग मेरे साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, मेरे काम की तारीफ करते हैं लेकिन एक साल पहले तक ऐसा कुछ नहीं था।"
सहनी पड़ती थी जिल्लत
पद्मिनी प्रकाश ने बताया कि साल भर पहले एक किन्नर होने के नाते उन्हें ताने और जिल्लत सहनी पडती थी।वो बताती हैं, "आम लोग हमेशा हमें सेक्स वर्कर या भिखारी ही समझते हैं और जब मैं एंकर बनने के लिए आई तब भी मुझसे कहा गया था कि एंकर बनना तुम्हारे बस की बात नहीं हैं।"
पद्मिनी बताती हैं कि उन्हें बाहर तो लोगों का मजाक सहना ही पडता था साथ ही परिवार में भी उनका सहयोग नहीं किया जाता था।
13 साल की उम्र में घर छोडने वाली पद्मिनी कहती हैं, "एक हिजडा होने के कारण मुझे स्कूल नहीं भेजा गया, फिर मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं लडका बनकर रहूँ लेकिन अंदर से मैं एक लडकी ही थी।"
मेरे पति ने दिया साथ
परिवार और समाज से तंग आकर वो मुंबई आ गईं और फिर दो साल बाद जब वो वापस
कोयंबटूर गईं तो उन्होनें अकेले जिन्दगी जीने की ठान ली थी। पद्मिनी के
मुताबिक 'आत्महत्या' एक ऐसी भावना है जो हर किन्नर के दिमाग में आती है।
वो
कहती हैं,"समाज और परिवार आपको इतना प्रताडित करता है कि आप खुद को
असामान्य मानने लगते हैं।"अपने अनुभव साझा करते हुए पद्मिनी ने कहा, "मैं
अकेली पड गई थी और तब मैंने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन तब मेरे
बॉयफ्रेंड, जो अब मेरे पति भी हैं उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया।"
18 साल की
उम्र में सेक्स चेंज सर्जरी करवा कर पद्मिनी पूरी तरह से महिला बन चुकी हैं
और उन्होनें एक छोटे लडके को गोद भी लिया है।
इस बात का रहेगा हमेशा दुःख
टीवी न्यूज एंकर होने के
साथ-साथ वो एक ट्रेंड भरतनाट्यम डांसर भी हैं और उन्होनें एक तमिल
धारावाहिक में एक्टिंग भी की है।
पद्मिनी कहती हैं, "आज परिवार, इज्जत,
सम्मान और शोहरत है मेरे पास लेकिन पिता और परिवार से न मिल पाने का दुख
हमेशा रहेगा।"
पद्मिनी का परिवार कोयंबटूर में ही रहता है लेकिन इतनी
प्रसिद्धि के बाद भी उनके पिता आज भी उन्हें स्वीकार नहीं पाए हैं, पद्मिनी
के 'नॉर्मल' परिवार में एक 'किन्नर' की जगह बिल्कुल नहीं है।