महापौर के सरकारी बंगले में आराम कर रहे यूपी के भाजपा नेताओं पर चुनाव आचार संहिता की मार पड़ी। उन्हें देर रात में बंगले से निकाल दिया गया। फिर उन्हें होटल की शरण लेनी पड़ी।
ये नेता ग्वालियर व चंबल संभाग में पार्टी के प्रचार की कमान संभालने यहां आए थे।
मंगलवार देर रात प्रशासन को सूचना मिली कि कैप्टन रुपसिंह स्टेडियम के पास महापौर समीक्षा गुप्ता के सरकारी बंगले से भाजपा की चुनावी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यही शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से भी की गई थी।
जिला निर्वाचन अधिकारी पी. नरहरि ने जांच के लिए रात में ही निगमायुक्त विनोद शर्मा को वहां भेजा। बंगले के एयरकंडीशंड कमरों में उत्तर प्रदेश भाजपा के ब्रज क्षेत्र के पूर्व संगठन महामंत्री जयप्रकाश चतुर्वेदी, पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री सत्येन्द्र भूषण सिंह, राजेन्द्र त्रिपाठी व अन्य आधा दर्जन नेता आराम करते मिले।
महापौर के पति राजीव गुप्ता व नगर निगम का अमला उनकी आवभगत में तैनात था। निगमायुक्त ने कड़ा रवैया अख्तियार किया।
उन्होंने उनकी मौजूदगी को चुनावी गतिविधि व आचारसंहिता का उल्लंघन माना और भाजपा नेताओं को पांच मिनट में बंगला खाली करने का फरमान सुना दिया।
तब भाजपा के चुनाव सत्कार अधिकारी रामेश्वर भदौरिया सभी को होटल ले गए। निगमायुक्त ने उन्हें चेतावनी भी दी कि सरकारी बंगले में फिर ऐसी गतिविधि मिली तो आचार संहिता के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।