दरोगा शैलेंद्र सिंह के परिवार के लिए रुपये जुटाने की मुहिम ने अब रफ्तार पकड़ ली है। जिले की पुलिस 20 लाख रुपये जुटा चुकी है और अब तो बीएसएफ, सीआरपीएफ के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस पेंशनर कल्याण संस्थान ने भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा दिए हैं। पेंशनर्स ने सोमवार को पुलिस लाइन में बैठक कर 12 हजार रुपये जुटा लिए।
रुपये जुटने की मुहिम में तीन एसओ खुलकर सामने आ गए हैं। पांच हजार रुपये हर दरोगा तथा सिपाही से 500 से एक हजार रुपये देने का अनुरोध किया गया है। रकम जुटाने में सिविल लाइंस थाना सबसे आगे रहा। अकेले इसी थाने से दो लाख रुपये एकत्र किए गए हैं।
शहर के अन्य थानों से लगभग 10 लाख रुपये जुटाए गए हैं। ‘सूखे’ थानों जार्जटाउन, कैंट और कर्नलगंज से भी ठीकठाक रकम जुटाने का दावा किया जा रहा है। 10 लाख रुपये गंगापार एवं यमुनापार के थानों से एकत्र किए गए हैं।
गंगापार में तैनात एक एसओ के पास सोमवार उनके बीएसएफ और सीआरपीएफ में तैनात दरोगाओं ने फोन कर आर्थिक मदद की पेशकश की। एक एसओ ने दावा किया कि अफसरों ने भी मदद दी है। खाते में तो रकम भेजी गई ही है, कैश भी एकत्र किया गया है।
सूबे से एकत्र किए 70 लाख
रुपये जुटाने की मुहिम में लगे एक दरोगा ने बताया कि सूबे से 70 लाख रुपये एकत्र किए जा चुके हैं। रुपये जुटाने की मुहिम में देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज, अंबेडकर नगर, फैजाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया के पुलिस वाले जोरशोर से जुटे हैं।
सिपाही को भी देंगे मदद
पुलिस पेंशनर्स ने पुलिस लाइन में बैठक कर वकीलों के बवाल में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस कर्मियों को पांच-पांच लाख तथा अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की मांग की है।
अध्यक्ष जीएन पांडेय और कोआर्डिनेटर एएन सिंह ने प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि अदालतों में जाने वाले सभी कर्मचारियों को सुरक्षा दी जाए, अदालत परिसर में शस्त्रों को ले जाने की किसी को अनुमति न दी जाए, बार-बार बवाल करने वाले वकीलों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए, आपराधिक प्रवृत्ति के वकीलों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया जाए।
आईजी अमिताभ की पत्नी नूतन लड़ेंगी दरोगा का केस
सिविल डिफेंस के आईजी अमिताभ ठाकुर सोमवार को इलाहाबाद पहुंचे। वह कचहरी कांड में घायल सिपाही अजय नागर को देखने जीवन ज्योति अस्पताल पहुंचे तो हत्या के आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह के परिजनों से मिलने उसके राजरूपपुर स्थित घर भी गए। उन्होंने दरोगा की पत्नी और सिपाही के परिजनों को मदद के तौर पर एक-एक दिन का वेतन दिया और घटना पर खेद जताया।
शाम को पत्रकारों से मुखातिब आईजी ने कहा कि वीडियो फुटेज और चर्चा में यह बात सामने आई है कि दरोगा ने अपने बचाव में फायर किया था। उन्होंने सीबीआई जांच का समर्थन किया और कहा कि इससे सच सामने आ जाएगा। आईजी अमिताभ ठाकुर सोमवार ट्रेन से प्रयाग स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने सिपाही के इलाज पर संतोष भी जताया।
आईजी ने कहा कि मुकदमे की पैरवी के लिए दरोगा का परिवार परेशान न हो। शैलेंद्र का केस उनकी पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर लड़ेंगी। यह भी कहा कि इस मामले को लेकर उनको जो भी जानकारी मिली है, वह इससे डीजीपी को अवगत कराएंगे। ऐसे मामलों में विधिक राय के लिए पुलिस पैनल के गठन की भी सिफारिश की।
कहा कि, आए दिन होने वाली इस तरह की घटनाओं पर प्रभारी रोकथाम के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है। बवाल करने वाले वकीलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह बार कौंसिल ऑफ इंडिया तथा यूपी बार कौंसिल को पत्र लिखेंगे। उन्होंने पुलिस वालों की मदद के लिए अलग से फंड बनाने की भी वकालत की।