फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैंगरेप पीड़िता के जल्द अंतिम संस्कार पर उठे सवाल

Mon, 31 Dec 2012 01:28 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
अब दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने को लेकर सवाल उठा है। सिंगापुर से बेटी पार्थिव शरीर लेकर दिल्ली पहुंचा परिवार जब अपनी लाडली को खोने का गम में डूबा था और उसके इस दर्द में लोग हिस्सेदार बनना चाह रहे थे। तब दिल्ली पुलिस परिवार पर तुरंत अंतिम संस्कार करने का दबाव डाल रही थी। सूर्योदय से पहले ही।
विज्ञापन


कोहरी में ही उसके पार्थिव शरीर को श्मशान ले जाया गया। पुलिस चाहती थी कि टॉर्च की रोशनी में परिवार लाडली की चिता को मुखाग्नि दे दे जाए, जबकि हिंदू रीतिरिवाज के मुताबिक सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले ही अंतिम संस्कार हो सकता है।

हालांकि परिवार ने सूरज निकलने के बाद ही 7:30 बजे अंतिम संस्कार किया। इससे पहले घर पर भी पुलिस का ऐसा कड़ा पहरा रहा कि कई पड़ोसी भी बिटिया के अंतिम दर्शन नहीं कर पाए। पुलिस ने शनिवार रात 10 बजे ही द्वारका के श्मशान गृह पहुंचकर युवती का तड़के 6:30 बजे ही अंत्येष्टि कराने की तैयारी कर दी थी।
विज्ञापन


परिवार पर दबाव बनाया: विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि लड़की का शव सिंगापुर से तड़के साढे़ चार बजे उसके किराए के मकान पर लाया गया था। जहां उसके पिता पर अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाया गया, जिसका उन्होंने विरोध किया।

मां की तबियत बिगड़ी
जो मां 13 दिन तक अपनी बेटी को मौत से लड़ने की हिम्मत देती रही, वो अपनी लाडली के जाने के बाद बेहद टूट गई है। बेटी के अंतिम संस्कार के बाद मां रविवार सुबह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां इलाज के बाद उन्हें शाम को छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि मां को बेटी के जाने का सदमा लगा है। पिछले दो सप्ताह तक वह वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी के साथ थीं, इतने दिनों तक ठीक से खाना नहीं खाने की वजह से उन्हें कमजोरी भी है।  

भाजपा ने सवाल उठाए
आखिर सरकार ने युवती के अंतिम संस्कार में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। युवती के परिजनों की निजता का अहसास मुझे भी है और निजता अक्षुण्ण रखी भी जानी चाहिए थी, लेकिन अंत्येष्टि में की गई जल्दबाजी कई सवाल खडे़ करते हैं।
रवि शंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्ता

अस्थियां बलिया में होंगी प्रवाहित
युवती की अंत्येष्टि के बाद उसकी अस्थियां बलिया में प्रवाहित की जाएंगी। बलिया जिले में स्थित गांव में उसके दादा ने बताया कि पोती की अस्थियां घर वाले लेकर आ रहे हैं। मंगलवार को भरौली घाट पर अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाएगा।

दादा नहीं देख पाए पोती का चेहरा
दादा अपनी पोती को आखिरी बार देख भी नहीं पाए। रविवार की सुबह दिल्ली में अंतिम संस्कार हो जाने की खबर मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पूरा गांव सुबक पड़ा। घर में चाची और दादा का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के बहुत से लोग चाहकर भी अंतिम संस्कार में शरीक नहीं हो सके।
विज्ञापन


3:30 बजे तड़के सिंगापुर से पार्थिव शरीर लेकर दिल्ली पहुंचा विमान
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी पहले से थे एयरपोर्ट पर मौजूद
4:30 बजे पार्थिव शरीर युवती के घर ले जाया गया
6:00 बजे करीब सुबह श्मशान गृह ले जाया गया पार्थिव शरीर
7:30 बजे अंतिम संस्कार, पिता ने दी मुखाग्नि

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें