बर्दवान धमाके में की जांच कर रही एनआईए ने मामले के एक दर्जन फरार आरोपियों पर 77 लाख रुपये का इनाम रखा है। एनआईए प्रमुख शरद कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पिछले सप्ताह प्रमुख खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बर्दवान का दौरा किया था। इसके बाद फरार आरोपियों पर इनाम घोषित करने का फैसला किया गया।
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि फरार आरोपियों में से 5 पर 10-10 लाख, 3 पर 5-5 लाख और 4 पर 3-3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। जिन 5 आरोपियों पर 10-10 लाख के इनाम घोषित किए गए हैं, उनमें साजिद, नसीरुल्ला, युसूफ शेख, कौसर और ताल्हा शेख शामिल हैं।
एनआईए को संदेह है कि साजिद, नसीरुल्ला, कौसर और ताल्हा बांग्लादेशी हैं। ताल्हा ने नदिया के देवग्राम और बीरभूम के कीर्णाहार में दो घर किराए पर लिए थे।
साजिद को आतंकियों की बर्दवान शाखा का प्रमुख माना जा रहा है। उसने मुर्शिदाबाद के लालगोला में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे मकीमनगर के एक मदरसे को अपना अड्डा बना रखा था। नसीरुल्ला को आईइडी एक्सपर्ट माना जाता है। आईइडी बनाते समय विस्फोट होने से उसका दाहिना हाथ उड़ गया था।
युसूफ ने बर्दवान में सिमुलिया मदरसे की स्थापना की थी। एनआईए अधिकारियों के अनुसार वह आतंकियों के बीच समन्वय का काम करता था। युसूफ की पत्नी आयशा भी फरार है, लेकिन अभी उसके सिर पर इनाम नहीं रखा गया है।