पूर्व टेलिकॉम नियंत्रक नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को जारी रखने के लिए नया बिल लाने पर संसद में हंगामा हो गया।
सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए नियमों में बदलाव कर मिश्रा को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव बनाया था।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने मई में एक अध्यादेश के जरिए मिश्रा की नियुक्ति की थी।
सरकार नए कानून के जरिए मिश्रा की नियुक्ति को मुकम्मल रूप देना चाहती है। नियमानुसार टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई का पूर्व चेयरमैन केंद्र सरकार में कोई पद नहीं ले सकता।