प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के छात्रों के साथ मन की बात कार्यक्रम के तहत अपने अनुभव लाखों छात्र-छात्राओं के साथ बांटे। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा दोस्तों, आज तो आपका मन शायद क्रिकेट मैच में लगा होगा, एक तरफ परीक्षा की चिंता और दूसरी तरफ वर्ल्ड कप।
परीक्षा आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, मैं आपको कोई उपदेश देने नहीं, हल्की-फुल्की बातें करने आया हूँ। जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं आपके साथ हूं इसीलिए मैं आपसे मंन की बात करने आया हूँ।
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने अपने जीवन में किसी भी एग्जाम में अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं किये थे। जैसे मामूली लोग पढ़ते थे वैसे ही मैं था। लोगों को लगता है कि परीक्षा अच्छी नहीं गयी तो पूरी दुनिया डूब जाएगी, दुनिया ऐसी नहीं है और इसीलिए कभी इतना तनाव मत पालिए।
अच्छा परिणाम लाने का पक्का इरादा होना चाहिए, और हौसला भी बुलंद होना चाहिए। कभी भी ज़्यादा तनाव मत पालिए। परीक्षा बोझ नहीं होना चाहिए, ना ही परीक्षा आपके जीवन की कसौटी कर रही।
पेरेंट्स को कहना चाहूंगा की बच्चों से भव्य सपनों की और ऊंची उड़ान की बात करें। हमारी पूरी शक्ति प्रतिस्पर्धा में ही खप जाती है। नयी ऊचाईयों पर पहुंचने की स्पर्धा आप खुद से कीजिये। हम लोग बड़े गर्व के साथ एथलिट सर्गेई बूबका का स्मरण करते हैं, जिन्होंने 35 बार खुद का ही रिकॉर्ड तोडा था।
जैसे जैसे आप मे विश्वास का अभाव होता है, वैसे वैसे अंधविश्वास का प्रभाव बढ़ जाता है। उन्होंने छात्रों को एक फार्मूला देते हुए कहा कि इच्छा + स्थिरता = संकल्प, संकल्प + पुरुषार्थ = सिद्धि।