अगले साल पश्चिम बंगाल चुनाव पर नजरें जमा रही भाजपा नेताजी सुभाषचंद्र बोस का मामला लगातार गरमाए रखना चाहती है।
बोस से जुड़ी गोपनीय फाइल पर पिछले हफ्ते हुए शोर-शराबे के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 मई को उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले मोदी ने बर्लिन में नेताजी के रिश्तेदार से मुलाकात कर गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने का वादा किया था।
हाल ही में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में नेताजी के परिवार की जासूसी कराए जाने का मामला सामने आया था।
नेताजी के परिजन इस आधार पर छह दशक से गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए कैबिनेट सचिव की अगुवाई में समिति भी गठित की है। विदेश मंत्रालय के पास 59 और प्रधानमंत्री कार्यालय के पास 27 गोपनीय फाइलें हैं, जिनमें नेताजी के बारे में अहम जानकारियां हैं।
गृहमंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके पास अब बोस से जुड़ी कोई फाइल नहीं है। उनकी सभी फाइलें राष्ट्रीय अभिलेखागार पहुंचा दी गई हैं।