प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हुई दूसरी कैबिनेट बैठक में गवर्नेंस को लेकर अपना दस सूत्री एजेंडा अपने मंत्रियों और अधिकारियों के सामने रख दिया है।
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नरेंद्र मोदी ने इस एजेंडे के जरिए साफ कर दिया है कि देश की जनता ने जिस तरह का बहुमत देकर सत्ता सौंपी हैं उससे उनकी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। मोदी चाहते हैं कि जनता ने उनके नेतृत्व में जो भरोसा जताया है, उसको पूरा करने की दिशा में प्रयास तुरंत शुरू कर दिए जाने चाहिए।
कैबिनेट की दूसरी बैठक पहले बुधवार शाम को होने वाली थी लेकिन बाद में इस बैठक को गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया था। नरेंद्र मोदी का मानना है कि उन्होंने देश की जनता से जो वादे किए हैं, उनको अमल में लाने के लिए एक पुख्ता प्लान की जरूरत है। सरकार कालेधन पर पहले ही एसआईटी का गठन कर चुकी है। यूपीए के कार्यकाल में काले धन का मुद्दा बीजेपी ने बड़े जोर-शोर से उठाया था।
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कमलनाथ होंगे प्रोटेम स्पीकर
कैबिनेट की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कमलनाथ को प्रोटेम स्पीकर बनाने का फैसला किया गया। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ नए सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।
4 से 12 जून तक संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। 9 जून को राष्ट्रपति संसद को संबोधित करेंगे। 6 जून को लोकसभा के नए स्पीकर का चुनाव किया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कैबिनेट की बैठक के बाद ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के मंत्रियों ने पीएम के सामने अपने अपने सुझाव रखे।
मोदी ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि सुशासन इस सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि निलंबित मामलों को निपटाना भी उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल है। सभी मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाने पर भी खासतौर पर जोर दिया जाएगा।
पढ़िए क्या हैं मोदी के 10 गुरु मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले दिनों में सरकार के कामकाज को लेकर अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है।
1- मोदी ने कहा कि नौकरशाही का आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी है, ताकि अधिकारी बड़े फैसले लेने से ना डरें। अधिकारियों के फैसलों का समर्थन जरूरी है, जिससे वे नीतियों को अमली जामा पहना सकें।
2- पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि हमें हर नए विचार का स्वागत करना चाहिए, जिससे सरकार के कामकाज में रचनात्मकता बनी रहे। मोदी ने मंत्रियों से फेसबुक और ट्विटर पर लोगों की राय मांगने के लिए कहा है।
'भ्रष्टाचार पूरे देश के लिए चिंता का विषय'
3- प्रधानमंत्री मोदी ने एजेंडे के तीसरे बिंदू के बारे में कहा कि सरकार को जनता की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता देनी होगी। अगर जनता की मूलभूत जरूरतें ही पूरी नहीं होंगी, तो विकसित देश कैसे बनेगा। मोदी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़क को लेकर सरकार गंभीर रहेगी।
4- मंत्रियों को सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कहा गया है। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पूरे देश के लिए चिंता का विषय है और इसके सुधार की शुरुआत ऊपर से होनी चाहिए। नई सरकार की हर नीति, हर हरकत पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए।
5- प्रधानमंत्री ने कहा कि मंत्रालयों के बीच आपसी समन्वय बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य इसलिए ठप्प हो जाते हैं क्योंकि एक मंत्रालय की फाइल दूसरे मंत्रालय में अटकी रहती है। इसे दूर करने के लिए सभी मंत्रालयों के बीच तालमेल की एक नई व्यवस्था बनानी होगी।
'अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना बड़ी चुनौती'
6- कैबिनेट की बैठक में मोदी ने कहा कि जनता ने हमें बहुमत दिया है, इसलिए उनसे किए गए वादे तय समयसीमा में पूरे करने बहुत जरूरी हैं। एक ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें घोषणापत्र के आधार पर बन रही नीतियों और उनके नतीजों का मूल्यांकन हो सके।
7- मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था के सुधार को सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अगर महंगाई कम नहीं होगी, रोजगार के साधन नहीं बढ़ेंगे, जीडीपी की सेहत नहीं सुधरेगी तो देश का विकास संभव नहीं है। मोदी ने कहा कि विकास के कामों में तेजी लाकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना होगा।
8- प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए निवेश को बढ़ावा देना आवश्यक है। निवेश के रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करना होगा।
9- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार के लिए योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करना जरूरी है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि योजनाएं बनें और उनके ऊपर फाइलों के ढ़ेर लग जाएं। हर काम के लिए एक समय निर्धारित हो और उस समय के अंदर वह काम पूरा होना चाहिए।
10- सबसे अंत में मोदी ने कहा कि सरकार की नीतियों में स्थायित्व होना चाहिए। चाहें सरकार के अधिकारी हों या विदेशी निवेशक, उनके मन में सरकार और नीतियां बदलने का डर नहीं होना चाहिए। सरकारी नीतियों में निरंतरता भी बनी रहनी चाहिए।