देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘गतिमान’ को रेलवे अब तक गति नहीं दे सका है। ये हाल तब है कि जब इस ट्रेन के साल भर में छह ट्रायल हो चुके हैं।
इस ट्रेन का पहला ट्रायल पिछले साल जुलाई माह में ही हुआ था। रेलवे अफसरों की मानें तो सभी ट्रायल सफल रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रायल सफल होने के बाद भी अब तक ‘गतिमान’ क्यों शुरू नहीं की गई।
पीएम मोदी का सपना है कि देश में सेमी हाई स्पीड और बुलेट ट्रेन चले। मोदी सरकार बनने के बाद रेलवे ने इस दिशा में काम भी करना शुरू कर दिया। तय हुआ कि नई दिल्ली से आगरा के बीच सबसे पहले सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाई जाए। इसके लिए संबंधित ट्रैक को दुरुस्त करने के साथ ही सिगनलिंग भी अपग्रेड की गई।
अब तक हो चुके हैं छह ट्रायल
पिछले साल तीन जुलाई को ट्रेन का पहला ट्रायल भी हुआ। ट्रेन ने दिल्ली से आगरा के बीच की दूरी कुल 105 मिनट में तय की। हालांकि इस ट्रेन को यह दूरी कुल 90 मिनट में पूरी करनी थी। इसके बाद पांच अन्य ट्रायल भी अलग-अलग तारीख में हुए। आखिरी और फाइनल ट्रायल जून 2015 में हुआ।
दो जून को हुए इस ट्रायल में ‘गतिमान’ ने दिल्ली से आगरा पहुंचने में 115 मिनट का वक्त लगाया। रेलवे अफसरों की मानें तो सभी छह ट्रायल सफल रहे, लेकिन किसी भी ट्रायल में ‘गतिमान’ 90 मिनट के निर्धारित समय में दिल्ली से आगरा नहीं पहुंच सकी।
बताया जा रहा है कि दिल्ली से आगरा के बीच 25 स्थानों पर अलग-अलग कारणों से ट्रेन की स्पीड 50 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की नहीं हो सकती। ऐसे में यहां कॉशन लेना पड़ता है। इसी वजह से गतिमान अपने सभी छह ट्रायल में 90 मिनट में दिल्ली से आगरा नहीं पहुंच सकी।
यही कारण है कि सीआरएस ने अब तक ट्रेन को चलाने की अनुमति नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो रेलमंत्री सुरेश प्रभु इस ट्रेन को जल्द चलवाने की घोषणा कर सकते हैं। इसका नई दिल्ली से चलने का समय सुबह आठ बजे रहेगा, जबकि आगरा से शाम 5.30 बजे यह ट्रेन चलेगी।
सीआरएस ने अब तक नहीं दी ट्रेन को चलाने की अनुमति
नार्दन रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा के मुताबिक, 'गतिमान एक्सप्रेस चलने की तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है। सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद इसके संचालन की तिथि रेलवे घोषित कर देगा।'
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस रहेगी ‘गतिमान’
देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘गतिमान’ एक्सप्रेस में 12 कोच ट्रेन में नियमित रूप से रहेंगे, जबकि दो कोच रिजर्व के रूप में रखे जाएंगे। ताकि भीड़ होने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। इस ट्रेन में कुल दो श्रेणी एग्जीक्यूटिव एवं चेयर कार की रहेगी। इसका इंजन भी 5400 एचपी का है, जो अधिकतम 200 की रफ्तार से भी दौड़ सकता है।
हालांकि इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड रेलवे द्वारा 160 किमी प्रतिघंटा निर्धारित की गई है। अत्याधुनिक सुविधा वाली इस ट्रेन में हर एक सीट पर आठ इंच की एलसीडी टीवी स्क्रीन भी रहेगी।
इसके अलावा आटोमेटिक फायर एलार्म सिस्टम भी ट्रेन के सभी कोच में उपलब्ध रहेगा। ताकि जरूरत के वक्त यात्री इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें। शताब्दी एक्सप्रेस के मुकाबले इसका किराया तकरीबन 25 फीसदी ज्यादा रहेगा।