वरिष्ठ वकील और भाजपा से निलंबित राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी का मानना है कि पार्टियों को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करना चाहिए।
वह शुक्रवार को यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंनें कहा कि जो भी पार्टी सत्ता में आना चाहती है उसे पीएम पद का उम्मीदवार पहले घोषित करना ही चाहिए।
ताकि लोगों को अपने पसंदीदा पार्टी के चुनाव करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। जेठमलानी पहले भी बतौर पीएम मोदी की उम्मीदवारी की वकालत कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीए से जदयू के अलग होने पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला, बल्कि यह खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को काफी नुकसान पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि लोग बदलाव चाहते हैं और चुनाव बाद केंद्र की सरकार में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। जेठमलानी पिछले साल 26 नवंबर से निलंबन का सामना कर रहे हैं।