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गुस्सा जायज लेकिन हिंसा न करें: पीएम

Mon, 24 Dec 2012 08:09 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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चलती बस में युवती के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने सामूहिक बलात्कार से लेकर बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार से संबंधित कानूनों की समीक्षा का भरोसा देते हुए प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही देश को यह भरोसा दिया है कि इस घटना के गुनहगारों को जल्द सजा दिलाने के लिए सारे कदम उठाए जाएंगे।
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देश की सत्ता की हृदयस्थली पर दिखाए जा रहे गुस्से की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने रविवार रात अपील जारी करने के बाद सोमवार को देश को विशेष संदेश दे दिया। पीएम ने कहा कि दिल्ली में गैंगरेप के इस घिनौने अपराध पर लोगों का गुस्सा जायज है, लेकिन हिंसा से कोई मकसद हल नहीं होगा। टीवी पर देशवासियों के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

इस घिनौनी घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कुछ भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि वे खुद तीन बेटियों के पिता होने के नाते इस पीड़ा को उतनी ही गहराई से महसूस कर रहे हैं, जितना कि लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे, उनकी पत्नी और परिवार इस क्रूर अपराध की शिकार लड़की के लिए बेहद चिंतित हैं। सरकार उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है। सड़कों पर उतरे लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम सभी को उस लड़की व उसके परिजनों के लिए दुआ करनी चाहिए।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उस घटना पर भी दुख है जिसकी वजह से प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़प हुई। इस अपराध का गुस्सा समझा जा सकता है, लेकिन हिंसा इसका हल नहीं है। उन्होंने सभी से शांति व अमन बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिया कि सरकार दुष्कर्म की इस घटना की बिना देरी किए जांच कराएगी। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने उन्हें महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए कदमों की जानकारी दी है।
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