मोदी सरकार ने योजना आयोग का नाम बदल दिया है। अब इसे नेश्नल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया यानि कि NITI आयोग के नाम से जाना जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस आयोग के अध्यक्ष होंगे। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अब योजना आयोग का प्रासंगिकता समाप्त हो गई है और देश को एक नई क्रांति के लिए नए आयोग की जरूरत है।
नाम बदलने से कांग्रेस काफी खफा है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,"योजना आयोग नीतियां ही तो बनाता था, कंचे तो खेलता नहीं था।"
आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि,"नीति योजना से सुंदर शब्द है लेकिन देखना ये होगा कि क्या नाम बदलने से सूरत भी बदलेगी?"
जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि,"फिलहाल नहीं लग रहा है कि नाम बदलने से कोई फर्क पड़ेगा। नाम बदलने से काम नहीं बदलेगा।"
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि,"अगर आपको ये लगता है कि नाम बदलने पर आपकी तारीफ होगी तो आप गलत सोचते हैं। सरकार यही काम पिछले सात महीने से कर रही है।"