रविवार को लापता हुए एयर एशिया विमान के यात्रियों के शव मंगलवार को जावा-सागर में तैरते हुए पाए गए। इन तैरते शवों को देखते हुए यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौत से पहले इन यात्रियों की मनोस्थिति क्या रही होगी।
एयर एशिया के यात्रियों की खोज करने वाले पायलट ने जिन तीन लाशों के सबसे पहले देखा था वो तीनों एक दूसरे के हाथ थामे हुए थीं। यह भावुक दृश्य यह बताने के लिए काफी था कि मौत के बाद भी लोग अपनों का साथ छोड़ने को राजी नहीं थे।
इंडोनेशिया से सिंगापुर जा रहे एयर एशिया के विमान का मलबा अब मिल चुका है और शवों को निकाला जा रहा है। एयर एशिया की फ्लाइट क्यूजेड8501 ने रविवार सुबह पांच बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) रूम से संपर्क टूट गया था।
एटीसी से संपर्क टूटने के बाद यह विमान अपना रास्ता भटक गया। जानकारी के मुताबिक विमान में सिर्फ साढ़े चार घंटे की उड़ान भर का ही ईंधन बचा था। इसलिए ऐसा संभव है कि ईंधन खत्म होने के बाद यह विमान सीधा जावा सागर में जा समाया हो। विमान में यात्रा के दौरान 155 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स सवार थे।