देश की प्रमुख प्राइवेट एयरलाइंस जेट एयरवेज में पायलटों की ट्रेनिंग में लापरवाही का बड़ा मामला उजागर हुआ है।
नागर विमानन डीजीसीए ने प्रोफिशिएंसी टेस्ट पास किए बगैर उड़ान भर रहे एयरलाइंस के 140 पायलटों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह टेस्ट हर छह महीने में पायलटों को पास करना जरूरी है। इस मामले में इन पायलटों का फ्लाइंग लाइसेंस तक कैंसिल या सस्पेंड हो सकता है।
डीजीसीए से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल ही में हुए जेट एयरवेज के ट्रेनिंग ऑडिट में कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गई हैं। प्रोफिशिएंसी टेस्ट पास न करने वाले 140 पायलटों को कारण बताओ नोटिस देकर पूछा गया है कि इनका लाइसेंस क्यों ना रद्द या निलंबित कर दिया जाए।
साथ ही जेट के चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर को हटाने को कहा गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जेट एयरवेज की मुंबई-ब्रसेल्स फ्लाइट के दौरान पायलट के सो जाने की वजह से बड़ा हादसा होते-होते बचा था।