कांग्रेस की सदस्यता लेना बसपा नेता के छोटे भाई को महंगा पड़ा। वरिष्ठ बसपा नेता बादशाह खान ने इसकी सजा देते हुए अपने छोटे भाई हाजी अरशान खान को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अब अरशान, जमालपुर में किराए के मकान में शिफ्ट होने की तैयारी में है।
मंगलवार को हबीब गार्डन में कांग्रेस की सभा हुई थी। जिसमें एएमयू के पूर्व कोर्ट सदस्य हाजी अरशान खान ने अपने साथियों के साथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री एवं कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष विवेक बंसल की मौजादगी में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया था।
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मगर छोटे भाई के इस राजनीतिक पहल को बड़े भाई एवं बसपा के पूर्व लोकसभा प्रभारी डॉ. बादशाह खान हजम नहीं कर पाए और उन्होंने छोटे भाई अरशान को न्यू केला नगर स्थित अपने घर से बाहर निकलने का फरमान सुना दिया।
आज तक नहीं मिला टिकट
(हाजी अरशान खान)
बताते हैं कि बसपा की नीति एवं कार्यशैली को लेकर पहले से ही दोनों भाइयों में खटास चल रही थी। अरशान ने बताया कि उनके बड़े भाई पिछले 7-8 साल से बसपा के समर्पित कार्यकर्ता है, लेकिन उन्हें आज तक किसी चुनाव में टिकट नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि बड़े भाई द्वारा घर से निकाले जाने के बाद फिलहाल अपने एक दोस्त के यहां रहे हैं। इसके साथ ही जमालपुर में किराए के मकान में शिफ्ट करने की भी तैयारी हैं।
बड़े भाई डॉ. बादशाह खान ने मुझे बच्चे की तरह पाला है। उनकी बहुत इज्जत करता हूं। पिछले 7-8 साल से वह बसपा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
आज तक उन्हें पार्टी में वह जगह नहीं मिली, जिसके वह हकदार हैं। इसलिए मुझे बसपा की नीति एवं कार्यशैली पसंद नहीं। मेरे कांग्रेस में शामिल होने की एक बड़ी वजह यह भी है। मगर बड़े भाई को यह पसंद नहीं आया और अब्बू के सामने घर से जाने को कह दिया। - हाजी अरशान खान, एएमयू के पूर्व कोर्ट मेंबर
अरशान मेरा छोटा भाई है। लेकिन कांग्रेस में शामिल होने के बाद मेरे और उसके रास्ते जुदा हो गए हैं। हम एक छत के नीचे साथ नहीं रह सकते। मैं बीएसपी के अलावा किसी दूसरी पार्टी के बारे में सोच नहीं सकता। हमें टिकट मिले या नहीं मिले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे घर में बसपा की विचाराधारा के सभी कायल हैं। - डॉ. बादशाह खान, बसपा के पूर्व लोकसभा प्रभारी