दिल्ली विधानसभा चुनावों में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाली आम आदमी पार्टी इन दिनों लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। अपनी कोशिश को बल देने के लिए नए साल के शुरुआती दिनों में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने सदस्य बनाओ अभियान भी छेड़ा।
आम आदमी पार्टी ने कहा था कि वह 26 जनवरी तक देश भर से एक करोड़ सदस्य जोड़ना चाहते थे। शुरुआत में इस अभियान में काफी रफ्तार दिखी। मोबाइल, इंटरनेट और व्यक्तिगत रूप से कई लोग पार्टी से जुड़े।
लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसके बारे में जानकर आम आदमी पार्टी यह नहीं तय कर पाएगी कि वह इस बात पर खुशी जताए या हैरान होकर सिर्फ सोचे कि ऐसा कैसे हो गया?
गांधी परिवार, एंजेलिना जोली AAP के साथ?
दरअसल, किस्सा यह है कि आम आदमी पार्टी से ऑनलाइन जुड़ने वाले हालिया नामों में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मोहनदास करमचंद गांधी और एंजेलिना जोली जैसे बड़े नाम जुड़ गए हैं।
लेकिन अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाला राजनीतिक दल इस बात पर जरा खुश नहीं है। न ही इसका उत्साह मनाया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक ये फर्जी नाम हैं, जो पार्टी की साख में बट्टा लगाना चाहते हैं।
हालांकि, आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि यह इंटरनेट के जरिए होने वाला ऐसा नुकसान है, जिससे बचना आसान नहीं है। हाल में पार्टी ने ऐलान किया था कि उसके नए अभियान 'मैं भी आम आदमी' के तहत 50 लाख लोग जुड़े हैं।
गुनाह है फर्जी नाम का इस्तेमाल
आम आदमी पार्टी ने यह अभियान 10 जनवरी को शुरू किया था और 16 दिन में 1 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया था। पार्टी जानती है कि फर्जी नाम से फॉर्म भरना गुनाह है, लेकिन इसके बावजूद ऐसा हुआ है।
पार्टी के आईटी एंड सोशल मीडिया एडमिनिस्ट्रेटर अंकित लाल ने कहा, "एक बार लोग अपना ऑनलाइन फॉर्म भर दें, उसके बाद अंत में घोषणा है, जिस पर उन्हें डिजिटली हस्ताक्षर करने होते हैं। इसका मतलब यह है कि दर्ज जानकारी सही होने की जिम्मेदारी उन पर है।"
लाल ने कहा, "लोग शायद यह बात नहीं समझते कि आईटी कानून के तहत यह अपराध है। लेकिन हां, हमें राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी और जवाहरलाल नेहरू के नाम से सदस्यता वाले फॉर्म मिले हैं।"
फर्जी सदस्यों की तादाद कम
अरविंद केजरीवाल का दल जानता है कि जिन लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली है, उनमें सभी असल नाम नहीं है। आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि 50 लाख सदस्यों में कुछ फीसदी निश्चित रूप से फर्जी होंगे।
एक सूत्र ने कहा, "जो डाटा हम जुटा रहे हैं, जैसे पता और फोन नंबर, उनकी जांच के लिए राज्य और जिला स्तर के दफ्तरों में भेजा जाएगा। यहां, हमारे वॉलेंटियर सदस्यों से संपर्क साधेंगे, ताकि उन्हें पार्टी के कामकाज में शामिल कर सकें।"
उन्होंने कहा, "इस तरह, फर्जी एंट्री अपने आप गायब हो जाएंगी। यह अंतिम फिल्ट्रेशन होगा। हालांकि, इस अभियान के जरिए जो सदस्य बनाए गए हैं, वे घर-घर जाकर बने नेटवर्क और स्पेशल कैंप के जरिए बने हैं।"
बराक ओबामा बने रहेंगे AAP के सदस्य?
आम आदमी पार्टी अपनी सफाई में कह रही है कि केवल 6.5 लाख लोग ही ऑनलाइन माध्यम से पार्टी के सदस्य बने हैं। उनका यह भी कहना है कि इनमें से कुछ असल हो सकते हैं और उनके नाम सोनिया गांधी या राहुल गांधी भी होना मुमकिन है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि फर्जी नामों का इस्तेमाल करते हुए जिन लोगों ने आम आदमी पार्टी से जुड़ने की कोशिश की, उनमें देसी नहीं, विदेशी नाम भी शामिल हैं।
इस बीच जब तक इस लिस्ट की कांट-छांट नहीं होती तब तक अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार आम आदमी पार्टी के सदस्य बने रहेंगे!