पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सभी आधिकारिक तोहफों को राष्ट्रपति भवन को लौटा दिया है।
इन तोहफों को पाटिल के अपने साथ ले जाने और इनका महाराष्ट्र स्थित अमरावती के अपने पारिवारिक स्कूल में प्रदर्शन करने के चलते विवाद उत्पन्न हो गया था।
राष्ट्रपति भवन ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल से 155 तोहफे मिल चुके हैं। इन तोहफों का अस्थायी रूप से अमरावती स्थित विद्या भारती शैक्षणिक मंदिर में प्रदर्शन किया गया था।
आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल को दिए गए जवाब में कहा गया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से मिले कैंडल सेट, नेल्सन मंडेला का एक सोने का पदक और एक चांदी का पदक और चीन से मिला एक गिफ्ट बॉक्स समेत सभी तोहफे राष्ट्रपति भवन को 22 मई तक मिल चुके हैं।
जवाब में बताया गया है कि ये तोहफे राष्ट्रपति भवन के डिप्टी डायरेक्टर (आर्ट) ने स्वीकार किए हैं। साथ ही बताया गया है कि इन तोहफे के आने में होने वाले खर्च के रिकॉर्ड की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि ये सारे गिफ्ट अमरावती के विद्या भारती शैक्षणिक मंदिर को राष्ट्रपति भवन और संस्थान के बीच हुए एमओयू के मुताबिक लोन पर दिए गए थे।