बेंगलुरु में ट्रैफिक को लेकर एक ऐसा नियम बनाया गया है जिससे गलती तो नाबालिग बच्चे करेंगे लेकिन सजा उनके अभिभावकों को भुगतनी पड़ेगी। बेंगलुरु में अगर कोई नाबालिग कार या बाइक चलाते हुए पाया जाता है तो उसके माता या पिता को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस ने इस मुहिम को शुरू भी कर दिया है और इसके तहत पिछले कुछ दिनों में करीब 30 केस दर्ज भी किए जा चुके हैं। ऐसे में अगर किसी के बच्चे नाबालिग होने के बावजूद ड्राइविंग करते हैं, तो उन्हें बड़ी परेशानी हो सकती है।
इस परेशानी से बचने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों पर नजर रखने की जरूरत होगी, क्योंकि इस केस में धारा 184 के तहत अभिभावकों को 6 महीने की जेल या 1000 रुपए का जुर्माना या दोनों की सजा मिल सकती है।
समूह बनाकर स्टंट करते थे बच्चे
एक वरिष्ठ यातायात अधिकारी ने कहा कि वे ऐसे अभिभावको के लाइसेंस भी कैंसिल करने की सोच रहे हैं, जिनके बच्चे नाबालिग होने के बावजूद कार या मोटरसाइकिल चलाते हैं।
दरअसल, जब बच्चे रात के समय में कार या मोटरसाइकिल लेकर घूमने जाते थे तो वे आपस में समूह बना लेते थे। जिसके बाद वो रेस करते थे और स्टंट दिखाते थे। बच्चों की इन हरकतों से कई सारी दुर्घटनाएं भी होती थीं।
इन सबको देखते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि जिनके बच्चे नाबालिग होने के बावजूद मोटरसाइकिल या कार चलाते हैं, उनके अभिभावकों पर केस दर्ज किया जाए।
नाबालिग को नहीं कर सकते गिरफ्तार
यातायात के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर एमए सलीम ने कहा कि किसी भी नाबालिग को किसी गाड़ी को चलाने की इजाजत नहीं है। नियमों के मुताबिक किसी भी नाबालिग को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
ऐसी स्थिति में बच्चों के माता-पिता पर ही केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, ताकि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और लापरवाही न करें। एक इंस्पेक्टर के अनुसार ऐसा किए बिना यातायात नियमों को लेकर जागरुकता नहीं फैलाई जा सकती है।
कमिश्नर सलीम ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसी जगहों को चिह्नित भी कर लिया है, जहां पर अक्सर रात के समय में बच्चे कार या बाइक लेकर जाते हैं और रेस करते हैं या फिर स्टंट दिखाते हैं।