आगरा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की हत्या की साजिश रची गई थी। उसकी हत्या कोर्ट में बम धमाका कर की जानी थी। डॉन बृजेश सिंह ने इसकी सुपारी चांद मियां के जरिए लंबू शर्मा को छह करोड़ रुपये में दी थी।
बताया जा रहा है कि करीब 50 लाख रुपये एडवांस भी दे दिए गए थे। पुलिस सूत्रों के मानें तो ये खुलासा लंबू ने खुद किया है। दिल्ली पुलिस ने 24 जून को आरा, बिहार कोर्ट में बम धमाके के आरोपी लंबू को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, चांद मियां एक समय अंसारी का खास आदमी था लेकिन किसी डील को लेकर दोनों के बीच बात बिगड़ गई। इस कारण चांद मियां बृजेश के साथ हो गया। इस बात की खबर मुख्तार अंसारी को नहीं थी।
बम से हत्या करने में माहिर है लंबू शर्मा
चांद मियां व रणवीर सेना का सेकंड इन कमांड प्रमोद ने आरा जेल में बंद लंबू शर्मा के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। सचिदानंद शर्मा उर्फ लंबू शर्मा बम बनाने में माहिर है। वह किसी की भी बम धमाका कर हत्या कर सकता है।
डील होने पर इन्होंने लंबू शर्मा को जेल से भागने के लिए कहा। लंबू ने बलिया, यूपी की महिला नगीना देवी के जरिए आरा कोर्ट में 23 जनवरी, 2015 को बम धमाका करवाया और अखिलेश नामक कैदी के साथ कोर्ट से फरार हो गया। धमाके में नगीना देवी सहित दो लोग मारे गए थे।
सारी साजिश से अनजान था अंसारी
जेल से भागने के बाद लंबू शर्मा धौस पट्टी, जौनपुर में चांद मियां के पास गया। यहां से चांद मियां ने उसे पैसे देकर महाराष्ट्र भेज दिया। इसके बाद लंबू को महाराष्ट्र से वापस बुलाया गया। चांद मियां लंबू को आगरा जेल ले गया और वहां मुख्तार अंसारी से मिलवाया। अंसारी इस बात से अनजान था कि चांद मियां उसकी हत्या की साजिश रच रहा है और लंबू शर्मा को उसे दिखाने लाया है।
मुख्तार को लगता था कि लंबू उसके गिरोह के लिए काम करेगा। इसके बाद लंबू लुधियाना चला गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने 24 जून को लंबू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लंबू बम बनाने में माहिर है और अगले कुछ समय में मुख्तार को जिस भी कोर्ट में पेश किया जाता, वहां उसकी हत्या कर दी जाती।