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न दंगा न फसाद, यहां लगा अघोषित कर्फ्यू

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मेरठ में आतंक मचाने के बाद तेंदुआ गुम हो गया है लेकिन उसकी दहशत बरकरार है। रविवार देर रात कैंट अस्पताल से भागा तेंदुआ अंतिम बार सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे सदर बाजार में दिखा था। इसके बाद रात तक उसका कुछ पता नहीं चल सका।
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खौफ के बीच सोमवार को स्कूल कॉलेज बंद रहे। जिलाधिकारी ने मंगलवार से सभी स्कूल-कॉलेज खोलने के निर्देश दिए हैं। तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग की चार टीमें गठित की गई हैं। टीमें रात में लगातार सर्च करेंगी।

कई लोग हुए हमले और भगदड़ में घायल

तेंदुआ रविवार सुबह 10.30 बजे सदर बाजार स्थित लकड़ी के गोदाम में दिखा था। वहां से भागकर तेंदुए ने कैंट अस्पताल में शरण ली थी। इस दौरान कई लोग हमले और भगदड़ में घायल हुए थे।

रविवार रात वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज करने की कोशिश की। इससे तेंदुआ भड़क गया और अस्पताल की गैलरी में लगी सीमेंट की ग्रिल तोड़कर देर रात भाग निकला।

सोमवार तड़के करीब 2.45 बजे उसे आबूलेन स्थित निशात सिनेमा में देखा गया। यहां से ठिकाना बदलते हुए वापस कैंट अस्पताल जा पहुंचा। घेरेबंदी के दौरान वह भाग निकला।
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नहीं मिल रही तेंदुए की लोकेशन

इसके बाद सदर बाजार स्थित लकड़ी के गोदाम जहां तेंदुआ पहली बार देखा गया, उसके पास तड़के 3.30 बजे दिखा। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है। इसके बाद से उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है।

वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम दिनभर कैंट अस्पताल से आबूलेन और सदर बाजार में सर्च करती रही। शाम को एक बार फिर नए सिरे से सदर बाजार क्षेत्र को टारगेट करते हुए सर्चिंग शुरू की गई। इसमें जिस लकड़ी के गोदाम में तेंदुआ पहली बार नजर आया था, उसे निशाने पर रखा गया।
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