ससुर पर बलात्कार का आरोप लगाने से नाराज राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित लुहारवा गांव की जातीय पंचायत ने पीड़िता की नाक काटने का फरमान सुनाया है।
पंचायत ने पीड़िता के पीहर का हुक्का पानी बंद करने का आदेश भी दे दिया है। पीड़िता ने बचाव के लिए पुलिस को ज्ञापन देकर गुहार लगाई, लेकिन बाद में पीड़िता अपनी बात से पटल गई।
इधर, बाड़मेर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में दावा किया है कि जांच में मामला पूरी तरह गलत पाया गया है।
पीड़िता ने अपने ससुर पर बलात्कार का आरोप लगाया था, जिससे ससुर को जेल काटनी पड़ी। पांच दिन पहले ही ससुर को जमानत पर रिहा किया गया। गांव पहुंचते ही पीड़िता के ससुर ने जातीय पंचायत बुलाई।
पंचायत में ही पीड़िता पर चाल-चलन खराब होने के आरोप लगाए गए। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया। अधीक्षक ने ज्ञापन को थाने भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता के पिता का कहना है कि पुत्री के ससुराल पक्ष के लोग ससुर के खिलाफ बलात्कार का मामला वापस लेने का दवाब डाल रहे हैं। ज्ञापन में कहा है कि पीड़िता और उसके पीहर के लोगों को जान का खतरा है। साथ ही पंचों और ससुर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, पुलिस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि खुद विवाहिता ने पुलिस को बयान दिए हैं कि उसने पुलिस को झूठा ज्ञापन दिया। पीड़िता ने बयान दिया है कि उसने नाक काटने वाली बात झूठी लिखवाई थी तथा पीहरवालों का जाति से बाहर करने वाली बात भी झूठी थी।