पाकिस्तान में आतंकवाद के बढ़ते खतरे और अल्पसंख्यकों को लेकर ढुलमुल रवैये की वजह से पिछले साल वहां के 20 डॉक्टर गुजरात में पलायन कर गए।
यह मेडिकल प्रोफेशनल का इतनी बड़ी तादाद में गुजरात में आने का पहला मामला है। इससे पहले कारगिल युद्ध के बाद नौ और 1970 में आठ डॉक्टर पाकिस्तान से गुजरात आकर बस गए थे। इस साल यह आंकड़ा पार हो सकता है।
पिछले चार दशकों में पाकिस्तान से 64 डॉक्टर गुजरात में आ बसे हैं, जिनमें से ज्यादातर सिंध प्रांत से हैं। इन डॉक्टरों ने गुजरात मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन भी कराया है।
सूत्रों का कहना है ऐसे डॉक्टर जो पाकिस्तान से आकर गुजरात में बसे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, उनकी तादाद और ज्यादा हो सकती है।
इनमें से ज्यादातर डॉक्टरों ने अपनी एमबीबीएस की डिग्री सिंध यूनिवर्सिटी से पूरी की है। ये डॉक्टर वहां अपनी प्रैक्टिस छोड़कर गुजरात भाग आए हैं, क्योंकि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के खतरे ने उनकी नाक में दम कर दिया था।