फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘दानव’ के रूप में बढ़ रही है शिवसेना: पाक दैनिक

Wed, 21 Oct 2015 08:56 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्र का कहना है कि भारत में शिवसेना से उत्पन्न खतरा ‘दानव’ के रूप में बढ़ रहा है जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
विज्ञापन


पत्र ने देश की छवि को सुरक्षित रखने के लिए भारत से इसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। द न्यूज इंटरनेशनल में ‘शिवसेना मैडनेस’ शीर्षक से लिखे संपादकीय में कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि शिवसेना का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाओं का दोहराव हुआ है।

इस पार्टी का ऐसा इतिहास रहा है और इसने समय-समय पर ऐसी धमकियां दी हैं लेकिन इस प्रकार का बल और जहर पहले नहीं था।

पत्र कहता है कि शिवसेना सत्ताधारी दल भाजपा की सहयोगी है जो कि इसकी अतिवादी कार्रवाई के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया न देने का बड़ा कारण है।

इन हमलों का मुख्य सार यह है कि यह हमले तब होते हैं जब कोई उनकी अतिवादी हिंदू विचारधारा का विरोध करता है। ऐसे समय में पाकिस्तान और पाकिस्तानी उसका प्रमुख निशाना बनते हैं।
विज्ञापन


पत्र का यह संपादकीय शिवसेना की ओर से बीसीसीआई के मुंबई कार्यालय पर धावा बोलने के बाद आया है। बीसीसीआई कार्यालय में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच क्रिकेट संबंधों को फिर से बहाल करने पर चर्चा होने वाली थी।
विज्ञापन

शिवसेना पर पलटवार नाकाफी, कार्रवाई क्या की सरकार बताए

देश में बढ़ती असहिष्णुता की घटनाओं को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली के शिवसेना पर पलटवार को कांग्रेस ने नाकाफी बताया है। पार्टी ने कहा है कि इन घटनओं की निंदा करने के बजाय सरकार को एक कदम आगे बढ़कर इसे रोकने और इसके पीछे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का कदम उठाना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि वित्तमंत्री ने एक असभ्य विरोध की निंदा की है। मगर इससे आगे बढ़कर भारत की सरकार को कारगर कदम उठाने चाहिए थे, जो उन्होंने नहीं उठाए।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा, तमाम वो संगठन और व्यक्ति जो सरकार के सदस्य हैं। उनके खिलाफ क्या किया गया। इसको लेकर जवाब देना चाहिए। पार्टी ने कहा कि सत्ताधारी दल बीजेपी, आरएसएस और उनके सहयोगियों ने एक ऐसा वातावरण देश के अंदर बनाया है जिससे गहरी चिंता देश में और भारत की छवि पूरे विश्व में खराब हो रही है।

पार्टी ने कहा कि सरकार की जो भी अभी तक प्रतिक्रिया है, उससे यह देश संतुष्ट नहीं हो सकता। देश के प्रधानमंत्री स्वयं नहीं बोले जब तक कि राष्ट्रपति नहीं बोले। पीएम ने केवल यही कहा कि जो भी राष्ट्रपति ने कहा वह सही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें