पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्र का कहना है कि भारत में शिवसेना से उत्पन्न खतरा ‘दानव’ के रूप में बढ़ रहा है जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
पत्र ने देश की छवि को सुरक्षित रखने के लिए भारत से इसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। द न्यूज इंटरनेशनल में ‘शिवसेना मैडनेस’ शीर्षक से लिखे संपादकीय में कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि शिवसेना का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाओं का दोहराव हुआ है।
इस पार्टी का ऐसा इतिहास रहा है और इसने समय-समय पर ऐसी धमकियां दी हैं लेकिन इस प्रकार का बल और जहर पहले नहीं था।
पत्र कहता है कि शिवसेना सत्ताधारी दल भाजपा की सहयोगी है जो कि इसकी अतिवादी कार्रवाई के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया न देने का बड़ा कारण है।
इन हमलों का मुख्य सार यह है कि यह हमले तब होते हैं जब कोई उनकी अतिवादी हिंदू विचारधारा का विरोध करता है। ऐसे समय में पाकिस्तान और पाकिस्तानी उसका प्रमुख निशाना बनते हैं।
पत्र का यह संपादकीय शिवसेना की ओर से बीसीसीआई के मुंबई कार्यालय पर धावा बोलने के बाद आया है। बीसीसीआई कार्यालय में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच क्रिकेट संबंधों को फिर से बहाल करने पर चर्चा होने वाली थी।