पाकिस्तान की करतूत पर लोगों की भावनाओं को देखते हुए भाजपा ने उग्र रुख अपनाने की रणनीति अपनाई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा है कि दो भारतीय सैनिकों का सिर काटने और संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के लिए पाकिस्तान के साथ राजनयिक रिश्ते खत्म कर लेने चाहिए।
वहीं दूसरी ओर अभी तक सख्त रवैया अपनाने वाली कांग्रेस अब नरम और सतर्कतापूर्ण रणनीति अपना रही है। पार्टी ने तमाम स्थितियों का जायजा लेने के बाद ही कोई कदम उठाने की बात कही है।
पाकिस्तानी सैनिकों के संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर भाजपा ने शनिवार को हमलावर रुख अख्तियार कर लिया। पार्टी नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लेना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी मुल्क के साथ राजनयिक संबंध भी खत्म करने पर जोर दिया।
जपा नेता ने कहा कि पड़ोसी देश लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है जबकि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के सामने अभी तक कड़ा विरोध दर्ज तक नहीं कराया है। सरकार की ओर से पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी जानी चाहिए।
उधर, कांग्रेस अब कुछ नरम रुख बरत रही है। जबकि भारतीय सैनिकों की हत्या की घटना के ठीक बाद कांग्रेस ने बेहद कड़ा रवैया अपनाया था। कांग्रेस का कहना है कि तमाम स्थितियों का जायजा लेने के बाद पाकिस्तान के साथ आगे के रिश्तों की दिशा और दशा तय की जाएगी। भावना में बहते हुए कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि भारत सरकार इस मामले में निगरानी रख रही है। पाकिस्तान के आगे के रुख को देखकर सही समय में सही फैसला लिया जाएगा।