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भारत में ‘ऑपरेशन घुसपैठ’ का मास्टरमाइंड था इरशाद

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर उसके जासूसों को भारत में घुसपैठ कराने वाला इरशाद था। पाक स्थित आईएसआई के कैंपों में ट्रेनिंग देकर जब इन जासूसों को भारत भेजा जाता है तो इरशाद ही ‘ऑपरेशन घुसपैठ’ संभालता था।
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इरशाद की कंपनी द्वारा इन एजेंटों को न केवल भारत में सुरक्षा कवच दिया जाता, बल्कि उन्हें भारतीय पहचान दिलाने का काम भी होता था। इरशाद इस देशद्रोह को करीब 10 साल से अंजाम देता आ रहा था। और इजाज जैसे पता नहीं कितने पाक जासूसों को देश की सुरक्षा खोखली करने के लिए भारत में घुसा चुका था।

कोलकाता मटिया बुर्ज साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद इरशाद लंबे समय से आईएसआई के आकाओं के संपर्क में रहा। 27 नवंबर को जब पाक जासूस मोहम्मद इजाज को मेरठ से यूपी एसटीएफ ने दबोचा था तो उससे पूछताछ के बाद कोलकाता की एसटीएफ ने मोहम्मद इरशाद, उसके बेटे अशफाक और रिश्तेदार जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया था।
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साथ ही इरशाद के साथ मिलकर फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले आईएसआई एजेंट शेख बादल को भी पकड़ा गया था। फिलहाल ये चारों पाक एजेंट आगामी 30 दिसंबर तक कोलकाता पुलिस की रिमांड पर हैं। पूछताछ में ही चारों पाक एजेंटों ने कई अहम खुलासे किए हैं।

आईएसआई को भेज चुका भारतीय युद्धपोत के नक्शे

सलीम से सीधा संपर्क
खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इरशाद पाक स्थित आईएसआई के एसपी सलीम से सीधे संपर्क में रहता था। सलीम का काम जहां नवयुवकों को ट्रेनिंग देकर भारत भेजना होता है तो इरशाद का काम उन्हें भारत में घुसपैठ कराने के साथ ही हर सुख सुविधा उपलब्ध कराना होता था।

सलीम के इशारे पर इरशाद पाक एजेंटों को वाया बांग्लादेश भारत लाता था। इसमें उसकी मदद बांग्लादेश में रहने वाला उसका भाई इरफान करता था। इरफान बांग्लादेश में व्यापार करता है और अपने भाई से मिलकर आईएसआई के लिए काम करता है।

बैनगॉन बॉर्डर से घुसपैठ
भारत-बांग्लादेश की सीमा पर पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में बैनगॉन बॉर्डर पड़ता है। इरशाद इसी बॉर्डर से पाक एजेंटों को रिसीव कर भारत पहुंचाता था।

इरशाद का घुसपैठ कराने के बाद पाक एजेंटों के रहने-खाने की व्यवस्था करने के साथ ही उनको भारतीय नागरिक के तौर पर पेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाता काम था। इसमें उसकी मदद उसका बेटा अशफाक , उसका रिश्तेदार जहांगीर और उसका शेख बादल करते थे।
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कोलकाता एसटीएफ की रिमांड पर इजाज के चार साथी

इजाज से खुला राज, बाकी कहां
इरशाद का यह खतरनाक चेहरा इजाज की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ पाया। लेकिन इसमें करीब 10 साल की देरी हो चुकी है। इस अंतराल में इरशाद पता नहीं कितने पाक एजेंटों को घुसपैठ करा चुका है। बड़ा सवाल यही है कि ये पाक जासूस अब भारत में कहां छिपकर देश की सुरक्षा को खोखला कर रहे हैं।

पाक तक पहुंची युद्धपोत की जानकारी
इरशाद ने खुलासा किया कि गार्डन रीच शिप बिल्डर्स पर काम करते हुए उसने भारतीय युद्धपोतों से जुड़े कई अहम नक्शों के अलावा युद्धपोतों की फोटो और भारतीय सेना से जुड़े अहम दस्तावेज आईएसआई को भेजे हैं।

इजाज और इरशाद का होगा आमना-सामना
कोलकाता पुलिस अब इरशाद और इजाज को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है। ताकि अब भी कई अनसुलझे सवालों की गुत्थी खुल सके। दोनों के सामने पूछताछ होने पर कई नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसलिए कोलकाता एसटीएफ मंगलवार को मेरठ में इजाज का बी वारंट दाखिल करने पहुंची है।
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