गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के 'मुसलमान आईबी प्रमुख' के बयान पर विवाद हो गया है। कल वडोदरा में एक जनसभा मे शिंदे ने नए मुसलमान आईबी प्रमुख की नियुक्ति का श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया था।
शिंदे ने बयान में कहा था कि यूपीए चेयरमैन सोनिया गांधी ही ऐसी शख्सियत हैं जो एक मुसलमान को देश के इंटेलिजेंस ब्यूरो का प्रमुख बना सकती हैं।
उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई। भाजपा ने इस मुद्दे को सांप्रदायिक नियुक्ति से जोड़ दिया है।
गौरतलब है कि 1977 बैच के आईपीएस अफसर एसए इब्राहिम को देश का अगला आईबी प्रमुख बनाया गया है। वह मुस्लिम समुदाय से हैं। भारत कि इतिहास में पहले बार खुफिया प्रमुख के रूप मे किसी मुस्लिम की नियुक्ति की जा रही है।
इब्रहिम की नियुक्ति के बारे में भी कई आशंकाएं जाहिर की जा रही हैं। उनकी नियुक्ति चार वरिष्ठ अफसरों को नजरअंदाज कर के की गई है।
लेकिन अब शिंदे ने खुद ये कहकर कि मुसलमान होने के कारण इब्राहिम को ये पद मिला है, एक विवाद खड़ा कर दिया है।