अंधविश्वास के फेर में आकर एक साल की मासूम के गले में जिंदा मछली फंस गई। उसकी सांसे रुकने लगी, मुंह से खून आने लगा, परिजन उसे लेकर गंगोह चिकित्सालय भागे, लेकिन रास्ते में तड़पकर उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मचा है।
तितरो के मोहल्ला शेखजादगान निवासी आसिफ की कस्बे में ही सर्राफ की दुकान है। करीब एक साल पहले उसे बच्ची हुई थी। परिजनों ने उसका नाम शैफी रखा था। कुछ दिन से परिजन बच्ची के दांत नहीं निकलने को लेकर परेशान थे।
पिछले दिनों किसी महिला ने आसिफ की पत्नी को बताया कि जिंदा मछली अगर मसूड़ों पर रगड़ दिया जाए तो दांत जल्दी निकल आते हैं। रविवार को दोपहर में आसिफ की पत्नी ने घर में ही रखे एक्वेरियम से एक छोटी सी मछली निकाल ली और उसे कटोरी के पानी में रख लिया। इसके बाद वह मछली की पूंछ पकड़कर उसके मसूड़ों पर रगड़ने लगी।