पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि तेल और गैस आयात करने वाली लॉबी हर पेट्रोलियम मंत्री पर दबाव बनाती है और नीतियों में बदलाव करने पर धमकी तक देती है।
मोइली के बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पूर्व पेट्रोलियम मंत्री और भाजपा नेता राम नाईक ने कहा है कि मोइली को उन कंपनियों के नाम का खुलासा करना चाहिए जो ऐसा कर रही है।
वहीं मंत्री के बयान से कांग्रेस भी खुद को असहज महसूस कर रही है। पार्टी ने कहना है कि मोइली ही इस मुद्दे पर बेहतर तरीके से बता सकते हैं कि उनके पास इस संबंध में क्या सुबूत हैं।
दरअसल, देश में तेल और प्राकृतिक गैस का अकूत भंडार होने के बावजूद तेल आयात में कटौती न किए जाने के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा आयातक लॉबी के दबाव में हो रहा है।
शुक्रवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मोइली ने कहा कि तेल आयात लॉबी उन पर लगातार दबाव डाल रही है कि तेल आयात कम नहीं किया जाए।
उनके मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रियों को यह लॉबी 160 अरब डॉलर के तेल आयात में कटौती करने का फैसले नहीं करने के लिए धमकाती है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है।
मोइली ने यह भी दावा किया कि वे किसी धमकी के दबाव में नहीं आएंगे। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं। देश में तेल और गैस के भरपूर भंडार हैं लेकिन इसका उत्खनन नहीं हो रहा हैं। उत्खनन में हर तरह की बाधाएं खड़ी की जाती हैं।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि जो भी इस पद पर बैठता है उसे किसी न किसी समय धमकी मिली है और उसे धमकाया जाता है।
हालांकि हम किसी लॉबी से नहीं डरते हैं और 2030 तक देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम करते रहेंगे।
कुर्सी बचाने की कवायद
वहीं दूसरी ओर मोइली के ताजा बयान को उनके विरोधी जल्द ही होने वाले मंत्रिमंडल में फेरबदल में अपनी कुर्सी बचाने की नजर से देख रहे हैं।
उनका कहना है कि मोइली ने आयातक लॉबी का दबाव और धमकाने का आरोप लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की है वे किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि उन पर भी इस तरह का दबाव है और उन्हें भी धमकी मिल रही है।
भाकपा का मोइली पर हमला
पिछले दिनों भाकपा के नेता गुरुदास दास गुप्ता ने प्राकृतिक गैस के मूल्यों में 60 फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर पेट्रोलियम मंत्री मोइली पर हमला बोला था। गुप्ता ने कहा था कि सरकार का यह कदम आयातकों को लाभ पहुंचाने के मकसद किया जा रहा है।